भाजपा के लिए चुनावी संकल्प-पत्र भगवान समान : नायब सैनी
मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंदों के हित में कल्याणकारी योजनाएं निरंतर लागू हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के चार स्तंभ बताए हैं, जिनमें महिलाओं की अहम भूमिका है। इस दिशा में केंद्र सरकार रोज़ नई योजनाएं लागू कर रही है और हरियाणा सरकार ने भी महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई पहल की हैं।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ़ अरविंद शर्मा, रणबीर सिंह गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी व सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद रहे। सीएम ने विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा जनता के सामने रखे गए संकल्प पत्र की तुलना गीता से की। उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 के वादों को पूरा किया गया और 2024 के संकल्पों को भी सरकार एक-एक करके पूरा कर रही है। इसके विपरीत, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस अपने घोषणा पत्र को भूल जाती है और उसे डस्टबिन में डाल देती है।
कांग्रेसशासित राज्यों में महिलाओं की आह
सीएम ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में महिलाएं योजनाओं के लागू न होने पर प्रदर्शन कर रही हैं। चाहे तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश या कर्नाटक हो, वहां महिलाएं अपने हक के लिए आवाज उठाती हैं। नायब सैनी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में सवाल उठाना आसान है, लेकिन कांग्रेस को पहले यह जवाब देना चाहिए कि उनके शासन वाले राज्यों में क्या योजनाएं लागू की गईं। उन्होंने मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा उठाए गए बेटियों के मुद्दे की आलोचना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बेटियों की हत्या जैसी जघन्य घटनाएं होती थीं और विपक्ष ने सदन में मुद्दे उठाने के बजाय बेवजह एजेंडों पर समय बर्बाद किया।
आप सरकार को लिया आड़े हाथों
सीएम ने पंजाब की आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को सिर्फ सब्जबाग दिखाकर वोट तो हासिल कर लिए गए, लेकिन कोई ठोस योजना लागू नहीं की गई। हरियाणा में किसानों को 24 फसलों पर एमएसपी मिल रहा है, जबकि पंजाब की सरकार इसके लिए प्रदर्शन कर रही है। इसके अलावा पंजाब और कांग्रेस शासित राज्यों में लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सीएम नायब सैनी के अनुसार, भाजपा की सरकार जनता के लिए न केवल वादे करती है, बल्कि उन्हें साकार भी करती है। जबकि विपक्ष अपने घोषणापत्र में चमक जरूर दिखाता है, लेकिन उसके वादे केवल कागज पर ही रह जाते हैं।