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आरती राव सेरोगेसी से बनीं मां, बेटे का नाम रखा राव जयवीर सिंह

राव इंद्रजीत सिंह की तीसरी पीढ़ी पर टिकी अहीरवाल की सियासत : राव बलबीर ने भी राव बीरेंद्र सिंह को गोद ले बनाया था दत्तक पुत्र
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हरियाणा की सत्ता और सियासत में राव परिवार का नाम हमेशा चर्चा में रहा है। लेकिन इस बार खबर राजनीति से ज्यादा मातृत्व से जुड़ी है। कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव सेरोगेसी से एक बेटे की मां बनी हैं। उनका बेटा अब तीन माह का हो चुका है। उसका नाम राव जयवीर सिंह रखा गया है। जयवीर के आने के बाद राव परिवार की राजनीतिक विरासत सुरक्षित मानी जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि राव परिवार की राजनीतिक विरासत पहले भी गोद से ही आगे बढ़ी। राव बलबीर सिंह ने राव बीरेंद्र सिंह को गोद लिया था और यहीं से इस परिवार की राजनीतिक यात्रा शुरू हुई।

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अहीरवाल बेल्ट हरियाणा की सत्ता की ‘कुंजी’ मानी जाती है। यही कारण है कि राव परिवार की हर पीढ़ी यहां निर्णायक रहती है। आज जब इंद्रजीत सिंह अनुभव के शिखर पर हैं तो आरती सिंह राव सक्रिय राजनीति का चेहरा हैं और छोटे जयवीर को लेकर भविष्य की तस्वीर बनाई जाने लगी है। कह सकते हैं कि राजनीति में चर्चा का केंद्र आरती सिंह राव अब एक नये सफर पर हैं। उन्होंने जिंदगी के सबसे बड़े किरदार ‘मां’ की शुरुआत की है। राव जयवीर सिंह का पालन-पोषण चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित कैबिनेट मंत्री की कोठी पर हो रहा है।

आरती राव के करीबियों ने उनके मां बनने की पुष्टि की है, लेकिन परिवार की ओर से इस संदर्भ में कोई बात नहीं की गई। राव जयवीर सिंह को अब राव इंद्रजीत सिंह के अगले राजनीतिक वारिस के तौर पर देखा जा रहा है। राव इंद्रजीत सिंह के बेटा नहीं है। उनकी दो बेटियां आरती राव व भारती राव हैं। भारती राव छोटी हैं और वे एक बिजनेस वुमन हैं। उनके पति बिजनेसमैन हैं।

आरती राव इंटरनेशनल लेवल की खिलाड़ी रहीं हैं। वे अब राजनीति में अपने पिता के साथ कदमताल कर रही हैं। 2024 में आरती राव ने अटेली हलके से पहली बार चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचीं। वे नायब सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। वर्ष 2022 में राव इंद्रजीत सिंह ने आरती राव को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था।

कोर्ट से अनुमति के बाद बनीं ‘सिंगल मदर’

आरती राव तलाकशुदा हैं। भारत सरकार ने 2023 में सेरोगेसी से जुड़े कानून में संशोधन किया था। इस बदलाव के बाद ‘सिंगल मदर’ यानी विधवा या तलाकशुदा महिलाओं को सेरोगेसी के जरिये मां बनने की अनुमति मिल सकती है। लेकिन इसके लिए संबंधित महिला को मेडिकल बोर्ड की अनुमति और कोर्ट की परमिशन जरूरी है। सूत्रों का कहना है कि आरती सिंह राव ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं को अपनाया और कोर्ट से अनुमति ली।

इसलिए अहम है नयी पीढ़ी का आना

आरती सिंह राव के मां बनने के बाद अब राव परिवार के अगले चेहरे को लेकर बनी सियासी अनिश्चिता खत्म हो गई है। हरियाणा की राजनीति में वंश परंपरा का बड़ा असर है। ऐसे में राव परिवार की तीसरी पीढ़ी का आना दूरगामी संकेत है।

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