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जान जोखिम में डाल पुरानी इमारत में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी

हरियाणा सरकार द्वारा जहां हरियाणा में करोड़ों रूपयोंं की राशि खर्च करके शिक्षा प्रदान करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं होडल पुन्हाना मोड़ के समीप स्थित सरकारी विद्यालय में विद्यार्थी कंडम बिल्डिंग में अपनी जान जोखिम में ड़ाल...
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होडल का मॉडल संस्कृति सीनियर सैकेंडऱी विद्यालय। -निस
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हरियाणा सरकार द्वारा जहां हरियाणा में करोड़ों रूपयोंं की राशि खर्च करके शिक्षा प्रदान करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं होडल पुन्हाना मोड़ के समीप स्थित सरकारी विद्यालय में विद्यार्थी कंडम बिल्डिंग में अपनी जान जोखिम में ड़ाल कर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हो रहे हैं, जिस कारण से कभी भी कोई भयानक हादसा घटित हो सकता है।

हरियाणा सरकार द्वारा पुन्हाना मोड़ होडल के समीप स्थित राजकीय सीनियर सैकेंडऱी विद्यालय को मॉडल संस्कृति सीनियर सैकेंडऱी विद्यालय में पिछले लगभग तीन साल से तब्दील कर दिया है। जिससे इसमें हरियाणा शिक्षा बोर्ड की जगह अब सीबीएससी की पढ़ाई विद्यार्थियों को कराई जा रही है। पहले इस विद्यालय में केवल छात्र ही दाखिला लेते थे, वहीं अब इसमें छात्राएं भी पढ़ती हैं। विद्यालय में इस समय लगभग 620 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया हुआ है। इन विद्यार्थियों की पढ़ाई कराने के लिए सरकार द्वारा नई ईमारत का कोई भी निार्मण नहीं किया गया है। विद्यार्थियों को पुरानी बिल्डिंग में ही पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। लगभग तीन साल पहले ही हरियाणा सरकार द्वारा ही इमारत को कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके स्थान पर नई बिल्डिंग के निर्माण कराने के लिए विद्यालय के प्रिसिंपल द्वारा सरकार को कई बार लिखित सूचना देने के बाद भी बिल्डिंग का निर्माण कराने की दिशा में कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है व केवल सात अतिरिक्त कमरों का ही निर्माण किया गया है। इस पुरानी इमारत में पढऩे वाले विद्यार्थियों व अध्यापकों के साथ कभी भी कोई हादसा हो सकता है। विद्यार्थियों के अभिभावकों की बनाई गई एसएमसी अध्यक्ष बाबूराम की अध्यक्षता में बुधवार को विद्यालय में आयोजित बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी से दो शिफ्टों में विद्यार्थियों को पढ़ाने का प्रस्ताव पास करके भेजा गया है, ताकि नए बनाए गए कमरों में इन विद्यार्थियों की पढ़ाई हो सके।

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विद्यालय प्रिसिंपल राकेस बघेल का कहना है कि उनके द्वार एसएमसी सदस्यों की मांग को जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया गया है व उनके आदेश के बाद ही दो शिफ्टों में कक्षाओं को आरंभ कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल का कहना है कि उनके पास मांग आने पर वह उस पर विचार करके सरकार के नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

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