संस्कृत अध्यापक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 4 लाख, गिरोह के तीन सदस्य काबू
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का शिकार बनाते थे। यहां के एक संस्कृत अध्यापक को भी गिरोह ने अपना शिकार बनाकर 4.18 लाख रुपये ठग लिये थे। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 48 हजार की नकदी, 35 सिम कार्ड, 26 एटीएम कार्ड, 4 पास बुक व 18 मोबाइल फोन बरामद किये हैं। आरोपियों की पहचान राजस्थान के जिला नागौर के गांव मुंद गसोई के विकास खिचड़, कमल कुमावत व जिला जयपुर के गांव हाथोज के सूरज सिंह के रूप में हुई हैं।
शुक्रवार को डीएसपी हेडक्वार्टर डा. रविन्द्र सिंह ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि गांव जाहिदपुर निवासी संस्कृत अध्यापक सुधीर सिंह ने पुलिस को शिकायत में कहा था कि 7 जनवरी को उसके मोबाइल फोन पर किसी मोहित हांडा नाम के व्यक्ति का फोन आया और उसने कहा कि किसी कृष्ण गुप्ता नाम के व्यक्ति ने मुंबई में उसकी आईडी पर व उसके नाम से बैंक खाता खोल कर मनी लांड्रिंग की है और करीब 68.50 लाख रुपए जमा कराए हैं। वह अभी सीबीआई की गिरफ्त में है।
फोनकर्ता की बात सुनकर सुधीर सिंह घबरा गया और आरोपी ने लगातार गिरफ्तार करने की धमकी देकर उससे 418999 रुपये खातों में ट्रांसफर करवा लिये। बाद में उसे हकीकत का पता चली और इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी।