ग्रीवेंस कमेटी बैठक में कृषि मंत्री के समक्ष हंगामा : कोर्ट का समन देने पहुंचे वकील को पुलिस ने लिया हिरासत में
बैठक में मंत्री राणा ने कुल 16 शिकायतों की सुनवाई की, जिनमें से 12 का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। शेष चार मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखा गया। अवैध खनन, फर्जी प्रॉपर्टी आईडी, अवैध कॉलोनियों का विकास जैसे गंभीर विषय इन शिकायतों में शामिल थे।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री राणा ने कहा कि हालिया बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। उनकी भरपाई सरकार ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से करेगी। उन्होंने किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील की, ताकि मुआवजा शीघ्र मिल सके।
गौरतलब है कि इस विवाद की पृष्ठभूमि अप्रैल की बैठक से जुड़ी है, जब मंत्री और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। उसी मामले में वकील संजीव तक्षक ने मंत्री को एक करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा था। शुक्रवार को उसी प्रकरण में सम्मन देने वकील प्रशांत गहलावत पहुंचे थे, लेकिन हिरासत में लिए जाने से विवाद और गहरा गया। वकील तक्षक ने आरोप लगाया कि मंत्री दबाव बना रहे हैं और उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत वे मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। जब इस पर मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्यायालय से समन मिलेगा तो वे अवश्य स्वीकार करेंगे। साथ ही स्पष्ट किया कि सम्मन देने आए वकील को पुलिस ने क्यों रोका, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
बैठक में उपायुक्त मुनीश शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा, एडीसी डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम योगेश सैनी, सीईओ जिला परिषद डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीटीएम प्रीति रावत सहित समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।