राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान : समझौते से होगा न्याय, बचेगा समय और धन : मोनिका
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मोनिका के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। सीजेएम मोनिका ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों को...
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मोनिका के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।
सीजेएम मोनिका ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों को आपसी सहमति से शीघ्र निपटाना है। इसमें वैवाहिक विवाद, सड़क दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, वाणिज्यिक विवाद, चेक बाउंस, सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, ऋण वसूली, संपत्ति बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को शामिल किया गया है।
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उन्होंने कहा कि जो भी पक्षकार अपने मामले का समाधान सुलह अथवा मध्यस्थता के आधार पर करना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। मध्यस्थता से न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि आपसी संबंध भी मधुर बने रहते हैं। यह एक ऐसा न्यायिक तंत्र है जिसमें हार-जीत के बजाय दोनों पक्षों को संतोषजनक समाधान मिलता है।
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