Tribune
PT
About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

बांग्लादेश में टेक्सटाइल फैक्टरियों की लाइन लग सकती है तो लोहारू में क्यों नहीं : राजबीर फरटिया

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में लोहारू के विधायक राजबीर फरटिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दों को सदन के सामने रखा। विधायक फरटिया ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रस्तावित 2025 औद्योगिक नीति में 10...
  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
राजबीर फरटिया
Advertisement
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में लोहारू के विधायक राजबीर फरटिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दों को सदन के सामने रखा। विधायक फरटिया ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रस्तावित 2025 औद्योगिक नीति में 10 नये आईएमटी स्थापित करने की बात कही गई है। उन्होंने उद्योग मंत्री से कहा कि भिवानी जिले, विशेष रूप से लोहारू आईएमटी बनाने के लिए बिलकुल उपयुक्त हैं।

लोहारू में सस्ते दामों पर मिलेगी जमीन : राजबीर फरटिया

उन्होंने कहा कि लोहारू में जमीन भी बाकि प्रदेश से बेहतर दाम पर सरकार ले सकती हैं और आईएमटी बना सकती हैं। फैक्टरी लगाकर हजारों युवकों को रोजगार मिल सकता हैं। टिट्स भिवानी टेक्सटाइल का माना हुआ इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, वहां से कपड़ा फैक्टरी लगाने के लिए इंजीनियर भी आसानी से मिल सकते हैं।

Advertisement

ओडोप (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के तहत भिवानी का उत्पाद नींबू, संतरा, मौसमी निर्धारित किया गया है। विधायक फरटिया ने पूछा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड स्टोरेज और मार्केटिंग के लिए सरकार ने क्या सहायता दी है और अब तक उसके क्या परिणाम सामने आए हैं। विधायक ने सदन को याद दिलाया कि लोहारू को पिछड़ा ब्लॉक घोषित किया गया है और उद्योगों के लिए प्रति यूनिट 2 रुपये की बिजली रियायत दी गई है। इस रियायत से अब तक कितने उद्योगों को लाभ मिला है, इसकी भी स्पष्ट जानकारी मंत्री से मांगी।

संविधान का 74वां संशोधन लागू करना जरूरी : राजबीर फरटिया

उन्होंने कहा कि जब तक संविधान का 74वां संविधान संशोधन पूरी आत्मा से लागू नहीं होगा, तब तक जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है क्योंकि अभी सत्ता मुख्यमंत्री और कुछ अधिकारियों के हाथों में केंद्रित कर रही है और वो मॉडल समस्याओं को हल करने में फेल हैं और फेल रहेगा।

उन्होंने कहा कि नगर निकायों के पार्षद, चेयरमैन और मेयर को वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए। आज सारी शक्ति अधिकारियों के पास है, जिनकी ट्रांसफर सालभर में हो जाती है, इसलिए न उनके दिल में जनता का दर्द है न ही वे स्थायी समाधान ढूंढते हैं।

विधायक फरटिया ने सरकार से कहा जैसे सरपंचों के पास 21 लाख रुपये का सालाना बजट है, उसी तरह सरकार की नगर पार्षदों, जिला पार्षदों और जिला परिषद चेयरमैन को भी सालाना बजट देना चाहिए।

सरकार न ले किसानों के धैर्य की परीक्षा : राजबीर फरटिया

Advertisement
×