8वां वेतन आयोग गठित करने की घोषणा के सात महीने बाद भी अधिसूचना नहीं, कर्मचारियों का प्रदर्शन
फरीदाबाद में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महा संघ व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 8वां वेतन आयोग गठित करने की मांग पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग गठन करने की घोषणा के सात महीने बाद भी अधिसूचना जारी न करने तथा कर्मचारियों के लिए अलग से वेतन आयोग गठित करने व 5 हजार रुपये अंतरिम राहत देने की मांग की। आज हरियाणा रोडवेज विभाग, हरियाणा बिजली वितरण निगम, पीडी, इरिगेशन, जन स्वास्थ्य विभाग हरियाणा, टूरिज्म, हुड्डा विभाग व नगर निगम सहित अन्य सरकारी अर्ध सरकारी, निगम, बोर्ड, कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने भोजन अवकाश के समय जोरदार गेट मीटिंग कर विरोध प्रकट किया।
8वां वेतन आयोग गठित करने समेंत अन्य मांगें रखीं
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा आंदोलन की अगली कड़ी में 8वें पे कमीशन के गठन ओपीएस, रेगुलराइजेशन, निजीकरण पर रोक, लेबर कोर्डस व एनसीपी की वापसी रिक्त पदों को भरने बकाया डीए डी आर का भुगतान करने व आदि मांग को लेकर 23 सितंबर को देशभर में जिला मुख्यालयों पर धरने व प्रदर्शन किये जाएंगे।
चुनाव से पहले की थी 8वां वेतन आयोग गठित करने की मांग : शास्त्री
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान, सचिव युद्ध वीर सिंह खत्री व वरिष्ठ उप प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर ने बताया कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने आठवे वेतन आयोग गठन करने की घोषणा की थी जिसकी आज तक अधिसूचना जारी नहीं की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा लगातार हरियाणा सरकार से प्रदेश के कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का लाभ देने के लिए पूर्व की भांति प्रदेश का अलग से वेतन आयोग गठित करने व 5 हजार रुपये अंतरिम राहत देने की मांग कर रहा है। लेकिन सरकार कर्मचारियों की मांगों को अनसुना और अनदेखा कर रही है। संघ मांग करता है कि 1 जनवरी 2026 से पहले प्रदेश के लाखों कर्मचारियों व पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग का लाभ देना सरकार सुनिश्चित करें।
'सरकार नहीं सुन रही'
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ राज्य कर्मचारियों के संगठन पुरानी पेंशन की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन रत हैं, लेकिन केंद्र व राज्य सरकारों ने ओपीएस की बजाय यूपीएस लागू करने का फैसला किया है, जिसको केंद्र एवं राज्य कर्मचारियों ने सिरे से नकारते हुए पीएफ आरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की है।
शास्त्री ने कहा कि बेरोजगारी अपने चरम पर है, लेकिन सरकार देश भर में सरकारी विभागों में खाली पदों को स्थाई भर्ती से भरने की बजाय ठेका, संविदा पर कर्मियों को तैनात कर रही है। सरकारी विभागों को सिकुडऩे और पीएसयू को कोडियो के भाव में निजी हाथों में सौंपने की गति को तेज किया जा रहा है। कॉर्पोरेट घरानों के लाखों करोड़ों रुपए के कर्ज और टैक्सों को माफ किया जा रहा है जिसके चलते अधिक असमानता बढ़ती जा रही है।
ये लोग रहे शामिल
आज के प्रदर्शनों को अपने-अपने विभाग में अन्य के अलावा विभागीय नेता हरियाणा टूरिज्म विभाग के महासचिव सुभाष देशवाल, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान दिलीप बोहत, जिला सचिव अनिल चिंडालिया, मुकेश बेनीवाल, सुनील चिंडालिया, अनूप सिंह बाल्मिक, जगदीश चन्द, देवी सिंह, राजकुमार, कंवरपाल, जितेंद्र भडाना, रामकेश सहारण, भूप सिंह, गरीश राजपूत, प्रवेश, नरेश कुमार, दिगम्बर डागर, गोर्धन बडख़ल, ब्लॉक उपप्रधान कल्लूराम, मुरारीलाल, रोडवेज प्रधान जयपाल राठी, बीरेन्द्र सोरोत, मास्टर उपकार महेंद्र कुडिय़ा, जितेंद्र छावड़ा, सुदेश कुमार, राजवीर, नरेश भगवान, दर्शन सिंह सोया, महिला नेता ललिता, सुरेश देवी, सत्तो देवी, शकुंतला कमलेश ने भी संबोधित किया।
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