बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट : विद्यार्थियों ने दिखाया रचनात्मक और व्यावसायिक हुनर
कार्यशाला का संचालन डॉ. भूप सिंह गुलिया ने किया, जिनका सहयोग मनीष ने किया। उन्होंने बताया कि पुराने कपड़े, प्लास्टिक की बोतलें, टिन के डिब्बे, कागज़ और कार्डबोर्ड जैसे कबाड़ को उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है। विद्यार्थियों ने समूहों में सामग्री इकट्ठी कर सजावटी वस्तुएं, स्टेशनरी स्टैंड, फ्लावर पॉट्स, हैंडबैग, नामपट्ट और रीसायकल वॉल डेकोर तैयार किए, जिनका प्रदर्शन भी किया गया।
प्राचार्य प्रो. दलबीर हुड्डा ने कहा कि जब विद्यार्थियों को सही दिशा मिलती है तो वे रचनात्मकता के साथ आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ सकते हैं। डॉ. गुलिया ने युवाओं को ‘वेस्ट को वैल्यू’ में बदलने का आह्वान किया और स्टार्टअप व माइक्रो बिज़नेस मॉडल अपनाने के सुझाव दिए।
इस अवसर पर डॉ. ज्योति, डॉ. प्रियंका, डॉ. अलका सैनी और निहारिका भी मौजूद रहीं। अंत में प्रभारी प्राध्यापक दीपक ने सभी का आभार व्यक्त किया।