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मोहाली की सीमा के विस्तार का प्रस्ताव हमने रखा था, अब श्रेय को लेकर हो रही राजनीति : मेयर

अमरजीत सिद्धू बोले- निगम की पहली बैठक में प्रस्ताव किया था पास, सरकार बदलने के बाद डाली गई रोक
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मोहाली, 10 जुलाई (निस) : मोहाली नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने दावा किया है कि मोहाली की सीमा का विस्तार कर बलौंगी, बड़ माजरा, बलियाली, टीडीआई सिटी, सेक्टर 90-91, 82 आदि क्षेत्रों को निगम में शामिल करने का वादा उन्होंने जनता से किया था। उन्होंने यह प्रस्ताव नगर निगम की पहली ही बैठक में पेश कर पास भी करवाया था।

मेयर ने कहा कि सरकार बदलने के बाद इस प्रस्ताव को राजनीतिक दबाव में स्थानीय सरकार विभाग द्वारा रोक दिया गया। अब कुछ लोग इस कार्य का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असलियत यह है कि इसकी पहल उन्होंने की थी।

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मेयर ने कहा कि मोहाली से सटे व मोहाली क्षेत्र में आने वाले गांवों के निवासियों को भी नगर निगम जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने खासतौर पर बलौंगी, बड़माजरा और अन्य ग्रामीण इलाकों के लिए सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, पानी, सफाई और सड़क जैसी सुविधाएं मोहाली शहर के बराबर देने की मांग की।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रस्ताव पर रोक लगाने के बाद इस मुद्दे को लेकर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट में सरकार की ओर से हलफनामा भी दाखिल किया गया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि यह काम जल्द ही पूरा होगा।

हमने नहीं मांगी झंझेड़ी की ज़मीन, डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह देना गमाडा की ड्यूटी

मेयर ने झंझेड़ी गांव में डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन देने पर उठे विरोध पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि गमाडा से उन्होंने झंझेड़ी की ज़मीन नहीं मांगी, बल्कि खुद गमाडा के मुखिया ने इस ज़मीन की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि गमाडा की जिम्मेदारी है कि वह लांडरां, डेराबस्सी या किसी अन्य जगह पर कूड़ा प्रबंधन के लिए तुरंत जमीन उपलब्ध करवाए। मोहाली नगर निगम के पास अपनी कोई ज़मीन नहीं है जहां कचरा डंप किया जा सके, इसलिए यह बुनियादी ज़िम्मेदारी गमाडा को निभानी चाहिए।

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