भारी बारिश के बाद सुखना लेक के फ्लड गेट खोले
बृहस्पतिवार रात को हुई भारी बारिश के चलते सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण देर रात को ही सुखना के दोनों फ्लड गेट खोले गए। जिसके चलते सुखना चौ में पानी सभी पुलों के ऊपर से बहने लगा। इससे शुक्रवार सुबह बापूधाम पुल बंद होने से मध्या मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लगा रहा।
जानकारी के मुताबिक सुखना के पानी का तेज बहाव सेक्टर-26 बापूधाम पुल के दोनों तरफ लगी लोहे की जाली और पुलिस के बैरिकेड तक बहाकर ले गया। कई बड़े पेड़ भी उखड़कर पुल के आगे अड़ने से कई जगह पानी घुस गया। पानी पुल के ऊपर से बहने की वजह से बापूधाम और इंडस्ट्रियल एरिया में तो रोड को दोनों तरफ से बंद करना पड़ा।
मोहाली जिला प्रशासन ने कहा कि डेराबस्सी के गांवों तिवाना, खजूर मंडी, सदनपुर, सरसिनी, आलमगीर, डंगढेरा, मुबारिकपुर, मीरपुर और बाकरपुर में बाढ़ की आशंका अधिक है। प्रशासन का कहना है कि इन गांवों में रहने वाले लोग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। इसके अलावा बारिश के पानी ने बृहस्पतिवार रात को जीरकपुर में भी उत्पात मचाया। बलटाना पुलिस चौकी के साथ बहती सुखना चो नदी में पानी उफान पर आ गया जिससे आसपास के इलाके में पानी भर गया।
किशनगढ़ में पानी में डूबी गाड़ी
सुखना लेक के पास स्थित किशनगढ़ गांव में हालात इतने बिगड़ गए कि घरों के बाहर खड़ी गाड़ियां पानी में डूब गईं। सड़क पर खड़ा पानी इतना ज्यादा था कि लोग अपनी बाइक भी बड़ी मुश्किल से निकाल पा रहे थे। पानी कमर से ऊपर तक पहुंच चुका था। इसके बावजूद लोग पानी में से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, कई लोग अपने घरों के अंदर खड़े होकर बाहर फैले पानी को देखते हुए नजर आए।