कालका की विधायक शक्तिरानी शर्मा ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान रायपुररानी को उपमंडल का दर्जा दिलवाने की पुरजोर मांग रखी। उन्होंने कहा कि यह मांग पिछले 20 वर्षों से लंबित है, जबकि यहां की जनता बार-बार आवाज उठाती रही है। रायपुररानी में 43 पंचायतें हैं, इसके बावजूद लोगों को हर छोटे-बड़े काम के लिए पंचकूला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे समय और धन की हानि होती है।
विधायक ने बताया कि रायपुररानी को उप तहसील बने 35 वर्ष बीत चुके हैं और मार्केट कमेटी का कार्यालय भी यहां 35 साल से कार्यरत है, फिर भी उपमंडल का दर्जा न मिलना इस क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 में रायपुररानी को जिला पंचकूला में शामिल किया गया था, लेकिन आज तक इसे उचित प्रशासनिक पहचान नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रायपुररानी को उपमंडल का दर्जा मिल जाता है तो लाखों की आबादी को सीधा लाभ होगा।