मोहाली का फेज -11 बना तालाब
सिर्फ एक घंटे की बरसात ने मोहाली के फेज-11 को जलमग्न कर दिया और प्रशासन की नाकामी को उजागर कर दिया। रात 1. 30 बजे से 2.30 बजे तक हुई बारिश ने घरों और सड़कों को तालाब में बदल दिया। घरों में 3 फुट और सड़कों पर 4.5 फ़ुट तक पानी भर गया। सुबह 10 बजे तक सड़कें डूबी रहीं और घरों से पानी उतरने के बाद मोटी गाद व मिट्टी जम गई। लाखों रुपए का सामान बर्बाद हो गया। गद्दे, फ़्रिज, वॉशिंग मशीन, फर्नीचर और कपड़े सब कुछ खराब हो गये। गाड़ियां भी पानी में डूबकर ख़राब हो गईं। पूरी रात लोग अपना सामान बचाते रहे।
फेज़-11 निवासी मोहित, ने बताया कि उनके मेरे घर की टाइल्स तीन फ़ुट ऊंची हैं, फिर भी पानी अंदर घुस आया। निचले हिस्से के घरों का हाल और भी ख़राब हुआ। यह कुदरती आफत है। इतनी तेज बरसात में पानी की निकासी ही नहीं हुई। वहीं वरिंदर सिंह ने कहा कि बिस्तर से पैर नीचे रखा तो 2 फ़ुट पानी था। इतने सालों में कभी ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन ने नालों की सफ़ाई तक नहीं करवाई। गुरमिंदर सिंह ने बताया कि सुबह तक पानी निकालते रहे, लेकिन हालात ऐसे थे कि एयरपोर्ट रोड पर जाम लगाना पड़ा। प्रशासन को शर्म आनी चाहिए। पुलिस और नगर निगम आयुक्त परमिंदर पाल सिंह ने समझाया, तब धरना खोला। गुरबख़्श सिंह ने कहा हर साल यही हाल होता है। लाखों का नुक़सान। फ़्रिज, वॉशिंग मशीन, सोफे बेड सब खराब हो गए। पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर ऋषभ जैन के दफ़्तर में भी पानी भर गया। फायर ब्रिगेड, ट्रैक्टर पंप और मोटरें लगाई गईं, लेकिन बिजली कटने से सब नाकाम रहे। काउंसलर जसबीर सिंह मनकू बोले कि वे सुबह 3 से 9 बजे तक फायर ब्रिगेड के साथ मदद करताे रहे, लेकिन तेज़ बहाव के सामने सारे यंत्र फेल हो गए। यह पूरी तरह से नगर निगम की लापरवाही है।
इस मामले में नगर निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि उन्होंने फेज 11 में वाटर सक्शन मशीनें लगवाई हैं। इसके अलावा कीचड़ से ब्लॉक हो गई रोड गलियों को साफ करवाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर खेद प्रकट किया कि अचानक हुई तेज बरसात से लोगों का नुकसान हुआ है।