NMIMS चंडीगढ़ का दीक्षांत समारोह: नयी पीढ़ी के सपनों का उत्सव
NMIMS चंडीगढ़ का परिसर गुरुवार को ज्ञान, परंपरा और उपलब्धियों की रोशनी से आलोकित था। दीक्षांत समारोह में जब सैकड़ों छात्र अपनी मेहनत और सपनों की पूंजी लेकर मंच पर पहुंचे, तो वातावरण तालियों, मुस्कानों और भावनाओं से गूंज उठा। यह केवल डिग्रियां पाने का क्षण नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी के आत्मविश्वास, संघर्ष और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव था। इसी ऐतिहासिक पल के साक्षी बने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, जिन्होंने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की असली सफलता उसके शिक्षकों की मेहनत और छात्रों की लगन से तय होती है।” उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि “आज भारत में 60–70% गोल्ड मेडल विजेता छात्राएं हैं। यह न केवल गर्व का विषय है, बल्कि समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव की झलक भी है।
कटारिया ने NMIMS को NAAC A++ मान्यता और भारत के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में स्थान पाने पर बधाई देते हुए इसे गुणवत्ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण बताया।
परंपरा और गरिमा के बीच कार्यक्रम की शुरुआत![]()
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय गान, दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। राज्यपाल का स्वागत पारंपरिक शोभायात्रा और बैंड की धुनों से किया गया। मंच पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री जगदीश बी. पारीख (चांसलर प्रतिनिधि), कुलपति डॉ. रमेश भट्ट, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मीना चिंतामनेनी, डीन डॉ. मीनू मेहता, निदेशक डॉ. ज्योत्सना सिंह और रजिस्ट्रार डॉ. तन्मय चक्रवर्ती शामिल थे।
संस्थान की सफलता दूरदशी्र नेतृत्व का परिणाम : कुलपति डॉ. रमेश भट्ट![]()
कुलपति डॉ. रमेश भट्ट ने NMIMS की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान की सफलता दूरदर्शी नेतृत्व और अथक परिश्रम का परिणाम है।
कैंपस निदेशक डॉ. ज्योत्सना सिंह ने बीते वर्ष की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने Manfiest, Management Conclave, Hackathon, FDPs, Anviksha रिसर्च सेमिनार और नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए छात्रों से संदेश दिया—“कोशिश करने का साहस और सीखने की विनम्रता हमेशा बनाए रखो।”
डिग्री और सम्मान वितरण का भावुक क्षण
दीक्षांत समारोह का सबसे यादगार पल तब आया जब राज्यपाल ने स्नातक छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। जैसे ही डिग्रियां छात्रों के हाथों में पहुंचीं, परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। Dean’s List में शामिल प्रतिभाशाली छात्रों और विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
सम्मानित प्रतिभाएं
- उत्कृष्ट छात्र (B.Com): सानवी गुप्ता, सुहानी
- श्रेष्ठ शिक्षक: डॉ. वनीता शर्मा (कॉमर्स), डॉ. आदित्य बक्शी (STME), डॉ. मोहित पहवा (लॉ)
- श्रेष्ठ कर्मचारी: सचिन धीमान (मेंटेनेंस ऑफिसर)