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सेक्टर-20 के सरकारी मकान जर्जर हालत में

डिप्टी मेयर बोले-मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य नहीं हुआ तो बड़ी दुर्घटना की आशंका
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मनीमाजरा (चंडीगढ़), 5 जुलाई (हप्र)

चंडीगढ़ नगर निगम की डिप्टी मेयर और पार्षद तरुणा मेहता ने अपने वार्ड के सेक्टर 20-ए और 20-सी स्थित सरकारी मकानों की जर्जर हालत को सुधारने के लिए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। मेहता ने कहा कि वे गत साढ़े तीन वर्षों से सेक्टर 20-ए और 20-सी स्थित सरकारी मकानों की जर्जर हालत, अवैध कब्जे एवं असामाजिक गतिविधियों से संबंधित कई बार प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठा चुकी हैं, लेकिन बार-बार निवेदन करने के बावजूद इन समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जो अब चिंता का गंभीर विषय बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह सरकारी मकान पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं और खंडहर जैसे प्रतीत होते हैं। यदि समय रहते मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य नहीं किया गया, तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि इन सरकारी मकानों में कई ऐसे असमाजिक तत्वों ने अवैध रूप से डेरा जमा लिया है जो नशा करते हैं तथा बिना किसी वैध अलॉटमेंट के वहां रह रहे हैं। यह स्थिति न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी चिंता का विषय है। साथ ही, कई लोगों ने बिना अनुमति के बिजली और पानी के कनेक्शन भी ले रखे हैं, जिससे न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि प्रशासन पर अनावश्यक आर्थिक भार भी बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में सरकारी मकानों की अलाटमेंट की प्रक्रिया बहुत जटिल है जिस कारण खाली मकान खंडर बनते जा रहे है। खाली पड़े मकानों को आउटसोर्स कर्मचारियों को देने की पॉलिसी पर भी विचार किया जा सकता है। इस पर भी प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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