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गीता महोत्सव : नेचर कैंप से युवाओं में बढ़ी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय समझ

प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं में सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा दो दिवसीय विशेष भ्रमण कार्यक्रम सकारात्मक परिणाम दे रहा है। 19 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक जारी इस कार्यक्रम में...

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मोरनी के नेचर कैम्प थापली में शैक्षणिक भ्रमण के दौरान श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल के विद्यार्थी। -हप्र
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प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं में सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा दो दिवसीय विशेष भ्रमण कार्यक्रम सकारात्मक परिणाम दे रहा है। 19 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक जारी इस कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और नेचर कैम्प थापली का भ्रमण कर रहे हैं।

युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवा शक्ति को ज्ञान, कौशल और संस्कृति से सशक्त बनाकर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है। इसी पहल के अंतर्गत आज श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल के विद्यार्थियों ने नेचर कैम्प थापली का दौरा किया। छात्रों ने यहां जैव विविधता, वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को नजदीक से समझा।

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कैम्प में मौजूद रेंज ऑफिसर संजय ने विद्यार्थियों को कैम्प क्षेत्र, वन्यजीव संरक्षण प्रक्रियाओं, ट्रैकिंग मार्ग और पर्यावरण-अनुकूल नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थापली नेचर कैम्प हरियाणा वन विभाग का एक महत्वपूर्ण प्रकृति संरक्षण केंद्र है, जहां शोधार्थी, प्रकृति प्रेमी और विद्यार्थी देशभर से आते हैं।

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नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं में अपनी सांस्कृतिक पहचान, मूल्यों और प्राकृतिक धरोहर के प्रति गर्व की भावना मजबूत करता है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को अधिक सार्थक बनाता है।

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