मासिक धर्म सबूत मांगना आपराधिक कृत्य, सरकार जवाब दे : सुधा भारद्वाज
सुधा भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार की नाक के नीचे विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसी अमानवीय पहल कर रहा है, जो शासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को सराहनीय बताया, लेकिन यह भी कहा कि हरियाणा महिला आयोग और अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठी महिलाएं इस मामले में खामोश हैं, जो बेहद निराशाजनक है।
उन्होंने कहा कि जब सरकारें संवेदना खो देती हैं, तब पीडितों को न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है और यही इस प्रकरण में दिखाई दे रहा है। भारद्वाज ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली सरकार की वास्तविकता इससे उलट है, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा मासिक धर्म अवकाश लागू करना महिलाओं के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की, ताकि कोई भी संस्था दोबारा ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
