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बागी गुट के बाद अब एबीवीपी ने भी किया गठजोड़

किसी पार्टी ने नहीं उतारा अपना पूरा पैनल
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स कौंसिल (पीयूसीएससी) चुनाव में इस बार किसी भी पार्टी ने अपना पूरा पैनल उतारने का साहस नहीं दिखाया। छात्र संगठनों के भीतर टूट-फूट और गुटबाजी इतनी है कि यह पता करना भी टेढ़ी खीर हो गया है कि कौन सा उम्मीदवार किस पार्टी और किस धड़े का है। एनएसयूआई के प्रभजोत सिंह गिल प्रधानी और उनके साथ सिकंदर बूरा गुट के संयुक्त सचिव मोहित मंडेरना के साथ अलांयस किया है। प्रभजोत सिंह को पूर्व छात्र नेता बरिंदर सिंह ढिल्लों का आशीर्वाद है। बरिंदर ढिल्लों के ही शागिर्द रहे मौजी लुबाना, अर्चित, सचिन गालव के रास्ते आज अलग-अलग हैं। दूसरी ओर एबीवीपी फ्रंट के अलायंस के बाद आज एबीवीपी ने भी अपने गठबंधन का ऐलान कर दिया। इस टीम में एबीवीपी के गौरव वीर सोहल प्रधान, एनएसयूआई से अलग हुए सचिन गालव के गुट एचएसआरए के नवदीप सिंह उप-प्रधान, इनसो के विशेष ढाका सचिव और एनएसयूआई के अर्चित के गुट एचएसआरए के सागर खत्री संयुक्त सचिव पद के लिये उतारे गये हैं। सोपू और पुसू पार्टी से अलग हुए धड़ों ने एनएसयूआई से टूट कर बने स्टूडेंट फ्रंट और हिमसू के हाथ मिलाया है। स्टूडेंट फ्रंट के कर्ताधर्ता मनोज लुबाना उर्फ मौजी का गुट माना जाता है, इसे टीम सुमित भी कहा जा रहा है। उन्होंने इस बार सुमित शर्मा को प्रधानी के लिये जबकि एबीवीपी से अलग होकर एबीवीपी फ्रंट के नवीन कुमार को उप-प्रधान के लिये, सोपू के अभिषेक डागर को सचिव और पुसू-हिमसू के सिद्धार्थ बूरा को संयुक्त सचिव के पद के लिये चुनाव में खड़ा किया है। एनएसयूआई अध्यक्ष सिकंदर बूरा ने पिछले साल आलाकमान को दरकिनार कर अपना स्टूडेंट फ्रंट बनाकर अनुराग दलाल को चुनाव जिताया था लेकिन अब अनुराग दलाल एनएसयूआई में लौट आये हैं। सूत्रों का दावा है कि निवर्तमान छात्र संघ प्रधान अनुराग दलाल भी अंदरखाते इसी टीम के साथ हैं हालांकि उन्होंने इसका खंडन किया है। पता चला है कि एक तो प्रधानी के लिये हरियाणा से एकमात्र सुमित शर्मा ही चुनाव लड़ रहे थे दूसरा कहीं न कहीं सिकंदर बूरा के साथ खटपट के चलते और एनएसयूआई का गठजोड़ बूरा गुट से अलग हो जाने पर अनुराग थोड़े खफा हैं। देर सायं कौंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी के छात्र विंग एएसएपी (एसोसिएशन आफ स्टूडेंट्स फार अल्टरनेटिव पॉलीटिक्स) ने यूएसओ एवं एचपीएसयू के साथ गठबंधन किया है। इसमें एएसएपी से मनकीरत सिंह मान को अध्यक्ष पद के लिये, उपाध्यक्ष के लिए जतिन कंबोज (यूएसओ), एएसएपी से महासचिव पद के लिए कोमलप्रीत कौर, संयुक्त सचिव के लिए आर्यन वर्मा (एचपीएसयू) को मैदान में उतारा है। फिलहाल सोपू (अरदास), एएसएफ (नवनीत कौर), पीएसयू ललकार (जोबनप्रीत), सोई (सीरत) ने अकेले प्रधान पद का चुनाव लड़ने का मन बनाया है। कई साल से कैंपस में सक्रिय छात्र संगठन सत्थ ने उप-प्रधानी पद के लिये अश्मीत सिंह पर दांव खेला है।

सभी पार्टियों ने मांगे वोट

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पीयू कैंपस में आज कौंसिल चुनाव को लेकर विभिन्न पार्टियों के छात्रों ने वोट मांगे। अंबेडकर स्टूडेंट्स फ्रंट की नवनीत ने सेंटर पर अपने लिये अपील की। वहीं पीएसयू ललकार के जोबनप्रीत, सुमित शर्मा और प्रभजोत सिंह ने भी हॉस्टलों में जाकर प्रचार किया।

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