West Asia Tension : अमेरिका-इजरायल और ईरान टकराव के बाद उड़ानें ठप, दुबई में फंसीं पीवी सिंधु समेत कई हस्तियां
पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल, भारतीयों ने सोशल मीडिया पर मांगी मदद
West Asia Tension : पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण हवाई यातायात पूरी तरह चरमरा गया है। दुबई समेत खाड़ी देशों के प्रमुख हवाई अड्डों पर सैकड़ों भारतीय फंस गए हैं। इनमें ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु, कर्नाटक के एमएलसी एसएल भोजेगौड़ा, बंगाली अभिनेत्री शुभश्री गांगुली और मध्य प्रदेश के दो पूर्व विधायकों समेत बड़ी संख्या में पर्यटक और छात्र शामिल हैं। फंसे हुए भारतीयों ने सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की गुहार लगाई है।
एयरपोर्ट के पास धमाका, 'खौफनाक' हुए हालात
बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपनी आपबीती साझा करते हुए स्थिति को बेहद डरावना बताया है। सिंधु अपने कोच के साथ ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जा रही थीं। उन्होंने बताया, "हालात हर घंटे खराब हो रहे हैं। जहां हम रुके थे, उसके पास ही एक जोरदार धमाका हुआ।" भाजपा नेता संजय शुक्ला ने भी एक वीडियो जारी किया है, जिसमें हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार उठता दिख रहा है।
मध्य प्रदेश और कर्नाटक के सैकड़ों लोग फंसे
700 से अधिक पर्यटक: मध्य प्रदेश के ट्रैवल एजेंट फेडरेशन के अनुसार, राज्य के लगभग 700 लोग पर्यटन और व्यापार के सिलसिले में यूएई गए थे, जो अब वहां अटक गए हैं। कर्नाटक के 52 नागरिक: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि वे एमएलसी भोजेगौड़ा और अन्य कन्नड़ प्रवासियों के संपर्क में हैं। अकेले बल्लारी के 35 लोग वहां फंसे हुए हैं।
पुणे के 84 छात्र: इंदिरा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के एमबीए छात्र अपने सालाना स्टडी टूर पर दुबई गए थे, जिन्हें अब सुरक्षित होटलों में शिफ्ट किया गया है।
पैसे और दवाइयां खत्म, यात्रियों में बढ़ी बेचैनी
पंजाब के बठिंडा स्थित एसएसडी गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल नीरू गर्ग ने शारजाह एयरपोर्ट से भावुक अपील की है। उन्होंने बताया कि उनकी वापसी की उड़ान रद्द हो गई है और अब उनके पास न तो विदेशी मुद्रा (दिरहम) बची है और न ही जरूरी दवाइयां। यात्रियों का आरोप है कि एयरपोर्ट प्रशासन उन्हें ठहरने या आगे की उड़ानों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है।
सरकार की पैनी नजर
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन वर्तमान में वहां का हवाई क्षेत्र उड़ानों के लिए बेहद असुरक्षित है। वहीं, विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारत में फंसे उन विदेशी नागरिकों को भी एफआरआरओ (FRRO) से संपर्क करने को कहा है जिनका वीजा इस तनाव के कारण प्रभावित हुआ है।

