Russia-Ukraine War : तेल रिफाइनरी पर हमला, एयरपोर्ट बंद; एक हफ्ते में दूसरी बार यूक्रेन के निशाने पर मॉस्को, अलर्ट जारी
यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन बाधित
Russia-Ukraine War : यूक्रेन ने एक हफ्ते में दूसरी बार किए गए ड्रोन हमले में रूस की राजधानी मॉस्को की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया और इसके कारण हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा। चार साल से भी अधिक समय पहले शुरू हुए रूसी आक्रमण के बाद से इसे यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में विभिन्न क्षेत्रों में यूक्रेन की ओर से दागे गए 555 ड्रोनों को नष्ट कर दिया, जिनमें से लगभग 200 ड्रोन को मॉस्को की ओर बढ़ते समय रास्ते में ही रोक दिया गया।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित मॉस्को तेल रिफाइनरी पर कई ड्रोन गिरे। वहीं, रूसी परिवहन मंत्रालय ने कहा कि इस हमले के कारण मॉस्को के चार हवाई अड्डों से उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। हमला ऐसे समय हुआ, जब कुछ घंटे पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ''बेहद महत्वपूर्ण समन्वय वार्ता'' की है, जिससे ''बड़ा बदलाव'' आने की उम्मीद बन सकती है।
जेलेंस्की ने कहा कि फ्रांस में आयोजित 'जी-7' शिखर सम्मेलन में शामिल विश्व नेताओं से यूक्रेन को भविष्य में भी समर्थन देने के आश्वासन मिले हैं। मैक्रों ने पेरिस के निकट स्थित वर्साय पैलेस से ट्रंप के साथ रवाना होते समय पत्रकारों से कहा, ''पिछले कुछ दिन यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं, क्योंकि 'जी-7' एक बार फिर यूक्रेन के समर्थन में एकजुट हुआ है। अब हम यूक्रेन की मदद जारी रखेंगे, ताकि वह इस संघर्ष का डटकर सामना कर सके, अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बना सके तथा जवाबी कार्रवाई करने की अपनी क्षमता बढ़ा सके।''
इस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से करीब 700 किलोमीटर पूर्व स्थित कजान में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं। रूस इस मंच के जरिए व्यापारिक और अन्य क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। रूस की सरकार के आधिकारिक मुख्यालय 'क्रेमलिन' के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, दो दिन तक चलने वाली इस बैठक में रूस और आसियान देशों के बीच ''रणनीतिक साझेदारी'' को और व्यापक बनाने के उपायों पर चर्चा होगी। आसियान के सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, पूर्व तिमोर और वियतनाम शामिल हैं।

