New START treaty ends : रूस और अमेरिका के परमाणु हथियारों के जखीरे पर अब कोई रोक नहीं रहेगी
परमाणु हथियारों की बिना रोक-टोक वाली होड़ शुरू हो सकती है
New START treaty ends : रूस ने आज कहा कि उसे मॉस्को और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों से जुड़े आखिरी बचे समझौते के खत्म होने का दुख है। 'न्यू स्टार्ट' नामक इस संधि के समाप्त होने के साथ ही आधी सदी से ज्यादा समय में पहली बार ऐसा है कि दोनों सबसे बड़ी शक्तियों के परमाणु हथियारों के जखीरों पर कोई रोक नहीं रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि 'न्यू स्टार्ट' संधि खत्म होने से परमाणु हथियारों की बिना रोक-टोक वाली होड़ शुरू हो सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल घोषणा की थी कि अगर वॉशिंगटन भी ऐसा करता है तो वह एक और साल के लिए संधि की सीमाओं का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संधि की समयसीमा बढ़ाने को लेकर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को कहा था कि ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि ''21वीं सदी में सही मायने में हथियारों पर नियंत्रण करने के लिए, ऐसा कुछ भी करना तब तक नामुमकिन है जब तक कि इसमें चीन शामिल न हो, क्योंकि उसके पास बहुत बड़ा और तेजी से बढ़ता हथियारों का जखीरा है।
'न्यू स्टार्ट' संधि पर 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने हस्ताक्षर किए थे। संधि के तहत दोनों पक्षों को 700 से ज्यादा मिसाइलों और 1,550 से ज्यादा ऐसे परमाणु हथियार को रखने से रोक दिया गया था, जो तैनाती और इस्तेमाल के लिए तैयार हों। इस संधि को मूल रूप से 2021 में खत्म होना था, लेकिन इसे पांच और सालों के लिए बढ़ा दिया गया था।

