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Iran-Israel Conflict : लारीजानी की मौत के बाद ईरान का एक्शन, इजराइल पर की मिसाइलों की बौछार

इजराइली हमलों में दो शीर्ष ईरानी अधिकारी मारे गए, जवाब में ईरान ने की मिसाइलों की बौछार

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तेहरान में रमजान के पवित्र महीने के आखिरी शुक्रवार को वार्षिक अल-कुद्स दिवस (यरूशलेम दिवस) के उपलक्ष्य में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए विस्फोट के बाद धुआं उठता हुआ दिया। यह विरोध प्रदर्शन अमेरिका और इस्राइल के बीच ईरान के संघर्ष के बीच हो रहा है। रॉयटर्स
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Iran-Israel Conflict : पश्चिम एशिया में संघर्ष के धीमा पड़ने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान ने अपने दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी के मारे जाने के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल हमले किए और इजराइल की राजधानी तेल अवीव के पास दो लोगों की हत्या कर दी। इजराइल ने लेबनान पर दबाव बनाए रखा है और ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथियों को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें बेरूत में कई अपार्टमेंट भवनों को निशाना बनाया गया और कम से कम 12 लोग मारे गए।

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ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी को देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता था और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के स्वयंसेवी 'बासिज' बल के प्रमुख थे। ईरान ने दोनों नेताओं की मौत की पुष्टि की है। जनवरी में देश की 47 साल पुरानी धार्मिक शासन व्यवस्था को चुनौती देने वाले प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई में दोनों ने अहम भूमिका निभाई थी। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को कहा कि उसने मध्य इजराइल को 'मल्टीपल-वारहेड' मिसाइलों से निशाना बनाया, जिनके मिसाइल रक्षा प्रणालियों से बच निकलने और रडार को भ्रमित करने की क्षमता अधिक होती है। उसने कहा कि बल ने लारीजानी की हत्या का बदला लेने के लिए खुर्रमशहर-4 और कादर मिसाइल दागे।

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वहीं, इजराइल ने बताया कि तेल अवीव के पूर्व रमात गन में हमले में दो लोगों की मौत हो गई। पूर्व संसद अध्यक्ष लारीजानी ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के रणनीतिक सलाहकार थे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ परमाणु वार्ता में अहम भूमिका निभाते थे। लारीजानी पर जनवरी में अमेरिका ने देशव्यापी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के ''समन्वय'' में भूमिका के लिए प्रतिबंध लगाए थे। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड की बासिज मिलिशिया के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी भी मंगलवार को इजराइली हमले में मारे गए। सुलेमानी पर भी अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने वर्षों तक विरोध दबाने में उनकी भूमिका को लेकर प्रतिबंध लगाए थे।

इस बीच, बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर बुधवार तड़के लगातार दूसरे दिन हमला हुआ। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर इसकी पुष्टि की। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान समर्थित मिलिशिया समूह इराक में अमेरिकी ठिकानों को लगातार निशाना बना रहे हैं। मंगलवार को बगदाद स्थित दूतावास परिसर के अंदर एक ड्रोन भी गिरा था। ईरान में बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर पर एक रात पहले एक प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है और संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने तेहरान से मिली एक रिपोर्ट के आधार पर दी।

आईएईए प्रमुख राफेल ग्रोसी ने संघर्ष के दौरान ''अधिकतम संयम'' बरतने की अपील दोहराई, ताकि किसी परमाणु दुर्घटना का खतरा टाला जा सके। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को हमले के बाद से ईरान अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों के ऊर्जा ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। यह रणनीति तेल कीमतों को बढ़ाने और वाशिंगटन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी अपनी पकड़ बनाए हुए है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और जहां से दुनिया की तेल की कुल खपत का लगभग पांचवें हिस्सा गुजरता है।

इससे वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाएं बढ़ गई हैं। ईरान की न्यायपालिका ने बुधवार को कहा कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में देश में एक व्यक्ति को फांसी दी गयी है। न्यायपालिका की समाचार एजेंसी 'मिजान' ने मृतक की पहचान कुरुश कीवानी के रूप में की है। ईरान ने बुधवार को सऊदी अरब के विशाल पूर्वी प्रांत पर हमला किया, जहां उसके कई तेल क्षेत्र स्थित हैं। साथ ही कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात पर भी हमला किया।

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