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India-China Relation : पीएम मोदी भी दोस्त, राष्ट्रपति शी भी साथी... भारत-चीन विवाद पर बोले पुतिन- हम बीच में नहीं पड़ेंगे, वो खुद सुलझाएंगे मसला

भारत और चीन के नाजुक संबंधों में हस्तक्षेप नहीं करेगा रूस: पुतिन

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व्लादिमीर पुतिन। फ़ाइल फ़ोटो
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India-China Relation : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और चीन के नाजुक द्विपक्षीय संबंधों में रूस हस्तक्षेप नहीं करेगा। पुतिन ने साथ ही विश्वास जताया कि भारत और चीन अपने पुराने सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पुतिन ने दुनिया की अग्रणी समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ वीरवार रात व्यापक विषयों पर बातचीत के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग -दोनों की सराहना करते हुए कहा कि भारत एवं चीन के साथ रूस की दशकों पुरानी साझेदारियां स्वाभाविक रूप से विकसित हुई हैं और दोनों के साथ उसके संबंध एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं।

रूस के राष्ट्रपति ने 'पीटीआई' के सीईओ और प्रधान संपादक विजय जोशी के एक सवाल के जवाब में कहा, ''भारत और चीन के बीच नाजुक एवं बहुआयामी संबंध है और इसमें हस्तक्षेप करना अच्छा विचार नहीं है। बेशक, हमारा अपने दोनों मित्रों-भारत और चीन के साथ संवाद होता है। राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी, दोनों सीमा संबंधी मुद्दे समेत आपसी हितों से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।'' भारत और चीन ने 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों और उसके बाद चार वर्ष से अधिक समय तक बने रहे सैन्य गतिरोध के कारण अपने संबंधों में आए गंभीर तनाव के बाद, पिछले एक वर्ष से अधिक समय में संबंधों को फिर से सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

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मोदी और शी की तियानजिन में पिछले साल अगस्त में मुलाकात हुई थी। यह बैठक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार एवं शुल्क संबंधी नीतियों के बीच हुई थी और इसने एशिया की दो बड़ी शक्तियों के संबंधों को स्पष्ट दिशा दी। मोदी और शी ने इस बात की पुष्टि की थी कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास में साझेदार हैं और उनके मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। रूस कहता रहा है कि आपसी सीमा विवाद को सुलझाना भारत एवं चीन का काम है और वह दोनों पक्षों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध देखना चाहता है। पुतिन ने एशिया में रूस के रणनीतिक संतुलन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत एवं चीन के साथ रूस की दशकों पुरानी साझेदारियां स्वाभाविक रूप से विकसित हुई हैं।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के साथ रूस की बढ़ती निकटता चीन की कीमत पर नहीं है, ठीक उसी तरह जैसे चीन के साथ रूस का गहरा गठजोड़ भारत के साथ उसके संबंधों को प्रभावित नहीं करता। उन्होंने कहा, ''रूस ने ये संबंध स्थापित किए हैं। यह स्वाभाविक रूप से हुआ। रूस और भारत के संबंध चीन को परेशान नहीं करते और चीन के साथ हमारे संबंध भारत को परेशान नहीं करते।'' पुतिन और शी ने 2022 में जारी एक संयुक्त बयान में रूस एवं चीन के संबंधों को ''असीमित'' मित्रता के रूप में वर्णित किया था।

भारत और रूस के बीच आपसी भरोसे और रणनीतिक समानता पर आधारित ''विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी'' है। पुतिन ने रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय ढांचे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया जो बाद में ब्रिक्स का आधार बना। उन्होंने कहा, ''मैंने एक समय सुझाव दिया था कि भारत और चीन के नेता रूस में मिलें और इसी तरह रूस-भारत-चीन ढांचे की स्थापना हुई। हमारे पास बात करने और सहमति बनाने के लिए कई मुद्दे थे।''

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