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'विकास नहीं, तिकड़म जिताती है चुनाव', यूपी के BJP विधायक श्याम प्रकाश का बयान सुर्खियों में

प्रधानों के सम्मान समारोह में बोले गोपामऊ विधायक; कहा- सड़कें बनवाईं, लेकिन वोट नहीं मिले, पंचायत चुनाव जीतने के लिए हर रणनीति अपनाने की सलाह

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विधायक श्याम प्रकाश की फाइल फोटो।
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हरदोई जिले के गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक श्याम प्रकाश ने कहा कि चुनाव विकास से नहीं, तिकड़म से जीते जाते हैं। प्रकाश अपने बयान को लेकर फिर चर्चा में हैं।

टड़ियावां ब्लॉक में प्रधानों के कार्यकाल में छह माह की वृद्धि पर शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने चुनाव और राजनीति पर बेबाक टिप्पणी की। कार्यक्रम में प्रधानों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा, ''चुनाव केवल विकास कार्यों के आधार पर नहीं जीते जाते।

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राजनीतिक तिकड़म और रणनीति भी अहम भूमिका निभाती है।'' उन्होंने कहा, ''हमने भी बहुत विकास कार्य कराकर देख लिए। जिन गांवों में सड़कें बनवा दीं, वहां के बक्सों में वोट ही नहीं निकले। चुनाव विकास से नहीं, तिकड़म से जीते जाते हैं।'' प्रकाश ने प्रधानों से आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी करने को कहा।

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उन्होंने कहा, ''साम, दाम, दंड, भेद जो भी तिकड़म कर पाना कर लेना, लेकिन अगला चुनाव जीतना है।'' विधायक ने प्रधानों से कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे भाजपा सरकार का प्रधानों पर से विश्वास उठ जाए। सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना जरूरी है ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।

प्रधानों के कार्यकाल में छह माह की बढ़ोतरी के फैसले का स्वागत करते हुए मौजूद प्रधानों ने खुशी जताई। समारोह में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे, जहां विधायक श्याम प्रकाश का फूल-मालाओं और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा, बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि निवर्तमान प्रधान नयी ग्राम पंचायतों के गठन तक या अधिकतम छह महीने की अवधि तक पंचायतों के सामान्य प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते रहेंगे। राज्य की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई, 2026 को समाप्त हो गया था।

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