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Sandeepa Tihar Jail Story : बार-बार कपड़े उतरवाए, 6 बार प्रेग्नेंसी, पीरियड्स बंद... तिहाड़ जेल गुजारी जिंदा लाश जैसी जिंदगी, टॉयलेट देख हो गई थी उल्टी

Sandeepa Virk Tihar Jail Story : जेल की चार दीवारों के पीछे की दुनिया उतनी ही कठोर और जटिल होती है, जितनी बाहर से दिखाई देती है। तिहाड़ जेल में बिताए गए कठिन दिनों को लेकर एक्ट्रेस और सोशल मीडिया...

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Sandeepa Virk Tihar Jail Story : जेल की चार दीवारों के पीछे की दुनिया उतनी ही कठोर और जटिल होती है, जितनी बाहर से दिखाई देती है। तिहाड़ जेल में बिताए गए कठिन दिनों को लेकर एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर संदीपा विर्क ने ऐसे अनुभव साझा किए हैं, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है।

जेल में दुपट्टा पर सोतीं थी संदीपा

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शालू निशा के पॉडकास्ट में संदीपा ने बताया कि जेल में उनकी पहली रात ही बेहद कठिन थी। 6 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार महीने जेल में रहने के दौरान उन्होंने बेहद मुश्किल हालात झेले। गर्मी, गंदगी, कीड़े-मच्छर और असुविधाजनक माहौल के बीच उनकी रातें जागते हुए गुजरती थीं। कई बार तो वो अपना दुपट्टा नीचे बिछाकर सोती थीं। कई बार वो रातों को जागकर सिर्फ पाठ करती थीं।

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जेल में बन गई थी जिंदा लाश

उन्होंने बताया, ''नीचे सोने की वजह से मेरे शरीर में दर्द रहता था। मुझे पीरियड्स आने भी बंद हो गए थे। दवाईयां खाने से ब्लोटिंग रहती है। वॉशरूम इतने गंदे थे कि पहली रात ही मुझे उल्टी आ गई। चेकिंग के नाम पर 25-30 कपड़े उतरवाए जाते थे। मेरे लिए ये सब शॉकिंग था। मैं भगवान से कहती थी, मैंने ऐसा क्या किया जो मुझे जिंदा लाश बना दिया।''

मानसिक रूप से टूट गई थी एक्ट्रेस

बार-बार चेकिंग, कपड़े उतरवाने जैसी प्रक्रियाओं ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था।संगीता के कहा, "जेल में लड़कियों के ग्रुप अलग-अलग थे। वहां, लड़किया गालियां देती थीं। सुबह 6 बजे वॉर्ड से बाहर जाना और 12 बजे सेल में डाल दिया जाता था। फिर 3 बजे गेट खोला जाता था और शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक सभी कैदी सेल में रहते थे। फोन कॉल जैसी छोटी सुविधा के लिए भी घंटोंं इंतजार करना पड़ता था। कोर्ट से जेल जाने तक मेरा 6 बार प्रेग्नेंसी टेस्ट भी किया गया।"

संदीपा ने बताया कि कुछ कैदियों ने समय के साथ अपने लिए एक व्यवस्था बना ली थी, लेकिन अंडरट्रायल कैदियों के लिए स्थिति अधिक कठिन थी।

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