Rhea Chakraborty : मैं 80 साल जैसी बातें करने लगी हूं... सुशांत की मौत के बाद झेली कड़वाहट और ट्रॉमा, 4 साल से ले रहीं थेरेपी रिया चक्रवर्ती
Rhea Chakraborty : साल 2020 के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद रिया को भारी ट्रोलिंग, सोशल मीडिया ट्रायल, कानूनी जांच और मानसिक दबाव का सामना करना...
Rhea Chakraborty : साल 2020 के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद रिया को भारी ट्रोलिंग, सोशल मीडिया ट्रायल, कानूनी जांच और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। यह समय उनके लिए बेहद कठिन रहा। रिया ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले कुछ सालों के अनुभवों ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि अब वह पहले से ज्यादा समझदार और गंभीर सोच रखने लगी हैं।
“मैं 80 साल जैसी बातें करने लगी हूं”
रिया ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके दोस्त अक्सर कहते हैं कि वह 33 साल की उम्र में भी 80 साल की तरह सोचती हैं। उनके अनुसार, इसका कारण यह है कि उन्होंने बहुत कठिन अनुभवों का सामना किया है। कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जिन्हें इंसान कभी भूल नहीं पाता। ये अनुभव व्यक्ति की सोच और व्यवहार दोनों को बदल देते हैं।
गुस्सा, कड़वाहट और खुद को संभालने की कोशिश
रिया ने कहा कि मुश्किल समय में वह गुस्से और कड़वाहट से भी गुजरीं। लेकिन उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने लगातार कोशिश की कि हालात उनकी पहचान तय न करें। रिया के अनुसार, वह नहीं चाहती थीं कि उनके साथ जो कुछ हुआ, वही उनकी पूरी जिंदगी को परिभाषित करे।
चार साल से थेरेपी ले रही हैं
रिया ने यह भी बताया कि वह पिछले चार सालों से थेरेपी ले रही हैं। थेरेपी ने उन्हें खुद को समझने और मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद की है। वह नहीं चाहती थीं कि उनका ट्रॉमा उनकी पूरी पहचान बन जाए। इसलिए उन्होंने खुद पर काम किया और आगे बढ़ने की कोशिश की।
इतनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद रिया ने कहा कि उन्होंने प्यार पर अपना विश्वास नहीं खोया है। वह आज भी दयालु रहना चाहती हैं और सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रही हैं। मुश्किल दौर के बाद किसी पर भरोसा करना पहले जैसा आसान नहीं रहता, लेकिन वह फिर से दिल खोलकर प्यार करना सीख रही हैं।
सच्चे रिश्तों की पहचान
रिया ने बताया कि 2020 के बाद उन्हें यह समझ आया कि उनके सच्चे अपने कौन हैं। उनके अनुसार, जो लोग मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे, वही आज उनकी जिंदगी के सबसे भरोसेमंद लोग हैं। सच्चे दोस्त वही होते हैं जो कठिन समय में साथ नहीं छोड़ते।

