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My Body, My Choice... कृति सेनन के आउटफिट विवाद पर मधु चोपड़ा की दो टूक, ट्रोलर्स को दी सलाह

पसंद आपकी है, लेकिन गरिमा का ख्याल भी रखें : मधु चोपड़ा

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Kriti Rakhi Ad Controversy : कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कंगना रनौत और कुनिका सदानंद के बाद अब एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा ने भी इस बहस पर अपनी राय रखी है। मुंबई में आयोजित ‘Women Building Cinema Together’ कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में मधु ने कहा कि व्यक्तिगत पसंद जरूरी है, लेकिन उसे दूसरों की भावनाओं और मूल्यों का सम्मान करते हुए संतुलित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

My Body, My Choice पर मधु ने कही ये बात

मधु चोपड़ा ने कहा कि 'मॉय च्वॉइस, मॉय च्वॉइस' का विचार अपनी जगह सही है, लेकिन इसके साथ एक दायरा भी होना चाहिए। उनके मुताबिक, अपनी पसंद के साथ गरिमा और दूसरे लोगों के मूल्यों का सम्मान बनाए रखना जरूरी है। कुछ तरह के पहनावे ऐसी जगहों पर सामान्य हो सकते हैं जहां उन्हें सहजता से स्वीकार किया जाता है, लेकिन हर जगह उनका संदर्भ एक जैसा नहीं होता। मधु के इस बयान को कृति के राखी विज्ञापन से जोड़कर देखा जा रहा है।

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कपड़ों पर नहीं, एस्थेटिक्स पर जोर

मधु ने यह भी साफ किया कि कलाकारों का अलग-अलग तरह के कपड़े पहनना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने प्रियंका चोपड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि काम या निजी पसंद के लिए ऐसे आउटफिट पहनने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, उनका मानना है कि किसी भी लुक में aesthetically appropriate होना जरूरी है। उनके मुताबिक, जब कोई चीज खूबसूरत और संतुलित तरीके से प्रस्तुत होती है तो वह बेहतर नजर आती है, लेकिन जब ऐसा नहीं होता तो चर्चा शुरू हो जाती है।

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कृति के आउटफिट पर हुआ था विवाद

दरअसल, GIVA के रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति आइवरी लहंगे, डीप-नेक ब्लाउज और केप में नजर आई थीं। जहां कई लोगों ने उनके लुक को पसंद किया, वहीं सोशल मीडिया के एक वर्ग ने इसे रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के लिए अनुपयुक्त बताया।

कृति ने आलोचना का जवाब देते हुए सवाल उठाया था कि आखिर महिलाओं के कपड़ों को उनकी संस्कृति और सम्मान से क्यों जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा था कि त्योहारों की असली भावना कपड़ों में नहीं, बल्कि रिश्तों और परंपराओं के प्रति भावनाओं में होती है।

GIVA ने वापस लिया विज्ञापन

विवाद बढ़ने के बाद ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने विज्ञापन वापस ले लिया। ब्रांड ने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति उसके मन में गहरा सम्मान है और किसी की धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं था। विज्ञापन हटाने के बाद अब मधु चोपड़ा की टिप्पणी ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।

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