Minab168: खामोश बैग, खून के निशान और इंसाफ की पुकार, इस्लामाबाद वार्ता से पहले ईरान का भावनात्मक संदेश
Minab168: मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा; कथित हमले में मारे गए बच्चों की याद में रखे गए प्रतीकात्मक सामान
Minab168: ईरान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचा, लेकिन इस बार यह सिर्फ कूटनीतिक बातचीत नहीं बल्कि एक भावनात्मक संदेश भी लेकर आया। प्रतिनिधिमंडल अपने साथ खून से सने स्कूल बैग, बच्चों के जूते, सफेद फूल और तस्वीरें लेकर पहुंचा, जिन्हें विमान की आगे की सीटों पर रखा गया।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “My companions on this flight #Minab168।” इस पोस्ट में वे बच्चों के सामान और तस्वीरों को देखते नजर आए।
प्रतिनिधिमंडल को “Minab 168” नाम दिया गया है, जो कथित तौर पर उस घटना की ओर इशारा करता है जिसमें पहले दिन हुए हमलों में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई थी। दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस संदेश को साझा करते हुए लिखा, “We will never forget the children of Minab।”
همراهان من در این پرواز#Minab168 pic.twitter.com/xvXmDlSDiF
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 10, 2026
मिनाब में क्या हुआ?
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब में स्थित शजारेह तैय्यिबेह गर्ल्स एलीमेंट्री स्कूल पर कथित हमले में 160 से अधिक बच्चों की मौत हो गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
कुछ दिनों बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक हवाई तस्वीर साझा की, जिसमें कथित रूप से सामूहिक कब्रें दिखाई गईं। उन्होंने इस हमले को “निर्दयी हत्या” बताते हुए अमेरिका पर आरोप लगाया, लेकिन इस तस्वीर की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस्लामाबाद में शांति वार्ता
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता होने जा रही है, जिसमें तेहरान के 10-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गालिबफ कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष की अगुवाई उपराष्ट्रपति जे डी वेंस करेंगे। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हो सकते हैं।
पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री इशाक डार, नेशनल असेंबली स्पीकर अयाज सादिक, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
यह वार्ता क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और संभावित युद्धविराम की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

