Kedarnath Mystery : 3 महीने पहले लव मैरिज और अब लापता हुई प्रज्ञा... केदारनाथ से लौट पति की खुली आंख तो उड़ गए होश
Nanda Devi Express Mystery : बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लौट रहा एक खुशहाल कपल शायद नहीं जानता था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की सबसे दर्दनाक याद बन जाएगी। कानपुर के रहने वाले मनीष अग्रहरि और उनकी पत्नी प्रज्ञा...
Nanda Devi Express Mystery : बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लौट रहा एक खुशहाल कपल शायद नहीं जानता था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की सबसे दर्दनाक याद बन जाएगी। कानपुर के रहने वाले मनीष अग्रहरि और उनकी पत्नी प्रज्ञा सिंह ने फरवरी में लव मैरिज की थी। शादी के बाद वो पहली बार साथ में धार्मिक यात्रा पर निकले थे लेकिन 5 मई की रात नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर के दौरान अचानक सब कुछ बदल गया। चलती ट्रेन में रहस्यमयी तरीके से 29 साल की प्रज्ञा लापता हो गईं। एक पल में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं और अब हर किसी के मन में सिर्फ एक ही सवाल है कि आखिर प्रज्ञा के साथ उस रात क्या हुआ?
प्रज्ञा के साथ उस रात क्या हुआ?
केदारनाथ यात्रा से लौटते वक्त नंदा देवी एक्सप्रेस में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों में यह सफर रहस्य और दर्द में बदल गया। पीड़ित पति मनीष अग्रहरि ने बताया, "मैं और मेरी पत्नी प्रज्ञा सिंह 2 मई को गाजियाबाद से केदारनाथ यात्रा पर निकले थे। बाबा के दर्शन अच्छे से हुए और पूरी यात्रा बेहद यादगार रही। 5 मई को हम देहरादून से गाजियाबाद लौटने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस में बैठे। लगातार यात्रा की वजह से हम दोनों ट्रेन में बैठते ही सो गए। हरिद्वार स्टेशन पर कुछ यात्री चढ़े, जिसके बाद मैंने प्रज्ञा की सीट ऊपर शिफ्ट कर दी। इसके बाद मैं फिर से सो गया, लेकिन मुझे क्या पता था कि जब आंख खुलेगी तो मेरी जिंदगी ही बदल चुकी होगी।"
आंख खुली तो उड़ गए होश
मनीष ने भारी मन से बताया कि जब ट्रेन मुजफ्फरनगर पहुंचने वाली थी, तब उनकी आंख खुली और सामने की सीट खाली मिली। पहले लगा शायद वॉशरूम गई होगी, लेकिन पांच मिनट बाद भी वह वापस नहीं आई। फिर घबराए मनीष ने पूरी ट्रेन, कोच और शौचालय तक तलाश डाले, मगर गहरे गुलाबी सलवार सूट में बैठी प्रज्ञा का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने तुरंत प्रज्ञा को कॉल किया, मगर फोन स्विच ऑफ आने लगा। उन्होंंने 139 हेल्पलाइन पर भी कॉल किया, पर तुरंत कोई मदद नहीं मिली। प्रज्ञा का सारा सामान सीट पर ही रखा था लेकिन वो गायब थी।
40 घंटे बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
उन्होंने आगे कहा, “मैं गाजियाबाद उतरकर सीधे GRP और RPF के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। अब 40 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि वो कहां है। प्रज्ञा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिली थी। हमने मुजफ्फरनगर और रुड़की के CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन वहां कैमरे बंद मिले। रुड़की में दर्जनों कैमरे होने के बावजूद बताया गया कि वे अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। लक्सर पुलिस लगातार मदद कर रही है, ट्रैक के आसपास भी तलाश की गई, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा।”
क्या कर रहे पुलिस और रेलवे अधिकारी
रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे इस रहस्यमयी गुमशुदगी की जांच में भी कोई खास मदद नहीं कर सके। स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन वे अभी पूरी तरह से कार्यशील नहीं हैं। फिलहाल करीब 40 कैमरे वर्किंग मोड में हैं, मगर उनकी CDR और DVR रिकॉर्डिंग का सेटअप अभी पूरा तैयार नहीं हो पाया है।
रुड़की और मुजफ्फरनगर जैसे अहम स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के खराब होने और रिकॉर्डिंग उपलब्ध न होने से जांच बेहद मुश्किल हो गई है। पुलिस अब तक यह भी स्पष्ट नहीं कर पाई है कि प्रज्ञा ट्रेन से कहीं उतरी थीं या फिर उनके साथ कोई अनहोनी हुई। लक्सर पुलिस ने रेलवे ट्रैक, पुलों और आसपास की झाड़ियों में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन किसी हादसे या संदिग्ध वस्तु का कोई सुराग नहीं मिला।
जांच एजेंसियों ने प्रज्ञा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और वॉट्सऐप चैट भी खंगाले, मगर अब तक किसी साजिश, विवाद या संदिग्ध गतिविधि के संकेत सामने नहीं आए हैं। इसी बीच लक्सर पुलिस ने प्रज्ञा के परिवार को, जो फिलहाल दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में ठहरे हुए थे, कुछ अहम जानकारियां साझा करने और जांच आगे बढ़ाने के लिए दोबारा लक्सर कोतवाली बुलाया है।

