Kangana Struggle : खुद से पूछती थीं- मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा? फैशन के बाद बेरोजगार थीं कंगना, 20 साल बाद छलका दर्द
मैं कमतर काम कर रही थी; कंगना ने इंडस्ट्री के संघर्ष पर तोड़ी चुप्पी
Kangana Struggle : बॉलीवुड एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 20 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया। कंगना ने बताया कि कई सफल फिल्में देने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक काम के लिए संघर्ष करना पड़ा।
'फैशन' के बाद भी नहीं मिलीं फिल्में
कंगना ने कहा कि 2008 में रिलीज हुई फैशन जैसी हिट फिल्म के बाद भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक काम नहीं मिला। उस दौर में वह खुद से सवाल करती थीं कि आखिर मुझे अच्छे मौके क्यों नहीं मिल रहे हैं? मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा? मैं आगे क्यों नहीं बढ़ पा रही?
मजबूरी में करनी पड़ीं कुछ फिल्में
कंगना ने बताया कि उस समय उन्हें सलाह दी गई कि बड़े स्टार्स के साथ काम करने वाले मैनेजर को हायर करें। उन्होंने ऐसा किया भी, लेकिन इसके बाद उन्हें कुछ ऐसी कमर्शियल फिल्में मिलीं, जिनसे वह पूरी तरह खुश नहीं थीं। मुझे लगता था कि मैं अपनी असली क्षमता से कम स्तर का काम कर रही हूं, लेकिन उस समय उनके पास ज्यादा ऑप्शन नहीं थे।
'जो जरूरी हो, वही करना चाहिए'
कंगना का कहना है कि संघर्ष के समय सिर्फ अपनी पसंद का काम चुनना हमेशा संभव नहीं होता। जिंदगी में कई बार वही करना पड़ता है जो जरूरी हो, न कि सिर्फ वही जो पसंद हो। मुश्किल दौर इंसान को बहुत कुछ सिखाता है और खुद को समझने का मौका देता है।
'क्वीन' और 'तनु वेड्स मनु' ने बदली किस्मत
कंगना ने बताया कि उन्हें असली कामयाबी तब मिली, जब उन्होंने 'क्वीन' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी फिल्मों में एक साधारण भारतीय लड़की के किरदार निभाए। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी सहज और स्वाभाविक एक्टिंग स्किल्स है। इसी पहचान ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग मुकाम दिलाया। जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा, तब ज्यादातर एक्ट्रेस सुपरमॉडल या ब्यूटी पेजेंट विजेता हुआ करती थीं। ऐसे माहौल में एक साधारण लड़की का अपनी जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और उसी पर मेहनत की।
बता दें कि कंगना रनौत जल्द ही फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' में नजर आएंगी। यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान नर्सों और वार्ड बॉय जैसे उन लोगों की बहादुरी की कहानी दिखाएगी, जिन्होंने मुश्किल समय में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कंगना को उम्मीद है कि यह कहानी दर्शकों को प्रेरित करेगी और उन गुमनाम नायकों को सम्मान दिलाएगी, जिनके योगदान को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
