भारत ऐसा नहीं जैसा इंटरनेट दिखाता है, AI बिगाड़ रहा छवि; कचरे में रोटी बेलता दिखा शक्स तो भड़कीं अमेरिकी क्रिएटर
भारत को 'गंदा' दिखाने वाला AI वीडियो वायरल, अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर ने उठाए सवाल
Viral AI Video : सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला हर वीडियो सच हो, यह जरूरी नहीं। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कुछ सेकेंड की क्लिप किसी देश या समाज की पूरी तस्वीर पेश करने का दावा कर सकती है। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसे लेकर दिल्ली में रहने वाली अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर क्रिस्टन फिशर ने सवाल उठाए हैं।
वायरल क्लिप ने खींचा ध्यान
जिस वीडियो पर क्रिस्टन ने प्रतिक्रिया दी, उसमें एक भारतीय व्यक्ति को कचरे के बीच बैठकर अपने पेट पर रोटियां बेलते हुए दिखाया गया। अजीबोगरीब दृश्य होने के कारण क्लिप तेजी से वायरल हुई। क्रिस्टन का दावा है कि यह वीडियो वास्तविक घटना नहीं, बल्कि AI की मदद से तैयार किया गया है। उनका कहना है कि ऐसी क्लिप लाखों व्यूज हासिल कर लेती हैं और फिर लोग बिना जांच किए उन्हें सच मान लेते हैं।
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'भारत को सिर्फ इंटरनेट से मत समझिए'
क्रिस्टन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर भारत को अक्सर गंदगी, ट्रैफिक और अव्यवस्था से जोड़कर दिखाया जाता है। इसी वजह से उनसे कई बार सवाल किया गया कि वह भारत में क्यों रहती हैं। उनका मानना है कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली तस्वीर और किसी देश में रहकर हासिल किया गया वास्तविक अनुभव एक जैसा नहीं होता।
AI ने बढ़ाई फर्जी कंटेंट की चिंता
इस मामले ने AI से तैयार किए जा रहे भ्रामक वीडियो को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जनरेटिव AI की मदद से अब ऐसे दृश्य बनाए जा सकते हैं जो पहली नजर में वास्तविक लगते हैं। अगर इन्हें बिना संदर्भ या सत्यापन के वायरल किया जाए, तो किसी व्यक्ति, स्थान या पूरे देश की छवि प्रभावित हो सकती है।
क्रिस्टन की पोस्ट पर कई भारतीय यूजर्स ने उनका समर्थन किया। लोगों ने कहा कि किसी भी वायरल वीडियो को देखकर पूरे देश के बारे में राय बनाना सही नहीं है।

