सुपौल में Instagram की दोस्ती बनी दो लड़कियों का 'इश्क', पूजा बनी ‘दूल्हा’, काजल ‘दुल्हन’, गैस चूल्हे को साक्षी मान लिए फेरे
Marriage of Supaul girls: बिहार के सुपौल जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई है। त्रिवेणीगंज अनुमंडल के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 में रहने वाली दो युवतियों ने आपसी सहमति से समलैंगिक...
Marriage of Supaul girls: बिहार के सुपौल जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई है। त्रिवेणीगंज अनुमंडल के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 में रहने वाली दो युवतियों ने आपसी सहमति से समलैंगिक विवाह कर लिया। इस शादी को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
दोनों युवतियों की मुलाकात करीब दो वर्ष पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में तब्दील हो गया। लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने और साथ रहने के बाद दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का फैसला किया।
मंगलवार देर रात दोनों युवतियां त्रिवेणीगंज मेलाग्राउंड स्थित एक मंदिर पहुंचीं, जहां बेहद सादे तरीके से विवाह किया गया। बताया गया कि दोनों ने गैस चूल्हे के चारों ओर सात फेरे लेकर एक-दूसरे का हाथ थामा। उस समय मंदिर में बहुत कम लोग मौजूद थे।
सुपौल में अनोखा विवाह: दो युवतियों ने आपसी सहमति से रचाई शादी,
काली मंदिर में लिए सात फेरे, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल.pic.twitter.com/00IRG0ahiR
— अभिषेक 'अजनबी' ✍🏻 (@abhishekAZNABI) December 24, 2025
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों युवतियां पिछले दो महीनों से वार्ड 18 में एक किराए के कमरे में साथ रह रही थीं और एक ही मॉल में काम करती हैं। बुधवार सुबह जब वे शादी के बाद कमरे पर लौटीं तो मोहल्ले में इसकी जानकारी फैल गई। बाद में उन्होंने अपनी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
नवविवाहित युवतियों की पहचान मधेपुरा जिले के मुरलीगंज निवासी पूजा गुप्ता (21) और शंकरपुर थाना क्षेत्र की काजल कुमारी (18) के रूप में हुई है। दोनों का कहना है कि यह निर्णय उन्होंने पूरी आपसी सहमति से लिया है और वे अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती हैं। पूजा ‘दूल्हा’ बनी और काजल ‘दुल्हन’।
इस घटना को लेकर इलाके में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक परंपराओं के विपरीत मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला पूरे सुपौल जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

