Digital Mosaic : 28 हजार लोगों के पोर्ट्रेट से बनाई एक तस्वीर, गणेश उत्सव में Coca-Cola India ने रचा डिजिटल रिकॉर्ड
गणेश उत्सव में Coca-Cola India का अनोखा प्रयोग, 28 हजार से ज्यादा चेहरों से बनाया डिजिटल मोजेक
Digital Mosaic : कोका-कोला इंडिया ने गणेश उत्सव के मौके पर डिजिटल क्रिएटिविटी और लोगों की भागीदारी का अनूठा संगम पेश किया। कंपनी ने ‘वॉल ऑफ मोमेंट्स’ नाम से एक बड़ा डिजिटल मोजेक तैयार किया, जिसमें 28,000 से अधिक लोगों के पोर्ट्रेट को जोड़कर एक विशाल विजुअल आर्ट तैयार की गई। इस पहल को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली। इसे गणेश उत्सव के दौरान मानव चेहरों से तैयार सबसे बड़े डिजिटल मोजेक आर्ट के रूप में मान्यता दी गई।
28 हजार से ज्यादा चेहरों से तैयार हुई खास कलाकृति
मुंबई के कांदिवली स्थित ठाकुर विलेज के गणपति मंडल में पेश किए गए इस डिजिटल मोजेक में हजारों लोगों की तस्वीरों को एक बड़े विजुअल डिजाइन में शामिल किया गया। इसका उद्देश्य अलग-अलग लोगों के चेहरों और उनके उत्सव से जुड़े यादगार पलों को एक साझा रचना के रूप में दिखाना था। इस तरह व्यक्तिगत तस्वीरों ने मिलकर एक बड़ी सामूहिक तस्वीर का रूप ले लिया।
महाराष्ट्र में लगाए गए Maaza Festive Cameras
इस पहल के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग स्थानों पर Maaza Festive Cameras लगाए गए थे। इनके जरिए लोगों की तस्वीरें कैप्चर की गईं, जिन्हें बाद में डिजिटल मोजेक का हिस्सा बनाया गया। इस प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी को गणेश उत्सव की सामूहिक खुशी और एकजुटता से जोड़ने की कोशिश की गई।
Maaza के 50 साल पूरे होने से भी जुड़ी पहल
‘वॉल ऑफ मोमेंट्स’ की खास बात यह भी रही कि यह पहल भारत में Maaza के 50 साल पूरे होने के अवसर के साथ हुई। कंपनी ने इस उपलब्धि को उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के पलों और उत्सवों से ब्रांड के जुड़ाव के रूप में प्रस्तुत किया। डिजिटल तकनीक के जरिए लोगों के अनुभवों को एक साथ लाना इस अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा।
Coca-Cola India ने क्या कहा?
Coca-Cola India की इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस की सीनियर डायरेक्टर लावण्या हतवालने के मुताबिक, कंपनी अपने ब्रांड को उपभोक्ताओं के करीब लाने के लिए नए तरीके तलाशती रहती है। उनके अनुसार, गणेश चतुर्थी का सामूहिक भागीदारी और साथ मिलकर उत्सव मनाने वाला माहौल इस डिजिटल अनुभव के लिए उपयुक्त था। कंपनी चाहती थी कि हर व्यक्ति इस पहल का हिस्सा बने और उसकी तस्वीर एक बड़ी साझा कलाकृति में शामिल हो।
इस पहल के जरिए Coca-Cola India ने त्योहार, डिजिटल आर्ट और उपभोक्ता भागीदारी को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस अनुभव को दो रिकॉर्ड संस्थाओं से मिली मान्यता ने अभियान को एक अतिरिक्त पहचान दी।

