Cruise Boat Tragedy : मौत भी न तोड़ सकी ममता का बंधन, मां के सीने से लिपटा मिला मासूम; जबलपुर हादसे की रुला देने वाली तस्वीर
मां ने बच्चे को बचाने के लिए उसे अपनी लाइफ जैकेट से बांधकर सीने से चिपका लिया था
नर्मदा की लहरों ने भले ही एक मां और उसके बेटे की सांसें छीन लीं, लेकिन उनका अटूट प्रेम अमर हो गया। जबलपुर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जब राहत एवं बचाव दल अगले दिन नदी में तलाश कर रहा था, तब ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। नदी से निकाली गई एक महिला की देह के गले से उसका 3 साल का बेटा कसकर लिपटा हुआ था। यह केवल एक तस्वीर नहीं बल्कि मां-बेटे के आखिरी संघर्षों की कहानी थी। ऐसा लग रहा था मानो मां अब भी अपने लाल को हर खतरे से बचाने की कोशिश कर रही हो।
आखिरी पल तक बच्चे की सुरक्षा की ढाल बनी
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए उसे अपनी लाइफ जैकेट से बांधकर सीने से चिपका लिया था। वह आखिरी पल तक अपने बच्चे की सुरक्षा की ढाल बनी रही। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और दोनों जिंदगी की इस जंग में हार गए। मृतक मां-बच्चे की पहचान हो गई है।
परिवार दिल्ली से जबलपुर घूमने आया था। परिवार में माता-पिता, बेटी और एक मासूम बेटा थे। किस्मत से पिता और बेटी की जान तो बच गई, लेकिन मां और बेटा नर्मदा नदी में डूब गए। लोगों का कहना है कि मानो मौत उन्हें दिल्ली से जबलपुर खींचकर ले आई हो। जो कोई भी वहां मौजूद था सभी की आंखों में आंसू थे।
बता दें कि, शुक्रवार को बरगी बांध से पांच और शव बरामद किए गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई, जबकि छह अन्य पर्यटक लापता हैं। अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बचे हुए लोगों ने सुरक्षा में लापरवाही, पर्याप्त जीवन रक्षक जैकेट न होने और अन्य खामियों के आरोप लगाए हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए और क्रूज चालक दल के तीन सदस्यों को बर्खास्त कर दिया।

