Cannes Film Festival : ऐश्वर्या की पहचान उपलब्धियां हैं, रूप नहीं... समर्थन में उतरीं 'धक-धक गर्ल', ट्रोलर्स को माधुरी का करारा जवाब
माधुरी दीक्षित ने कहा कि ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एक शानदार विरासत बनाई
कान फिल्म महोत्सव के रेड कार्पेट पर अपने लुक को लेकर 'ट्रोलिंग' का सामना कर रहीं अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के समर्थन में माधुरी दीक्षित खुलकर सामने आई हैं। 'देवदास' की अपनी सह-कलाकार की तारीफ करते हुए माधुरी ने कहा कि ऐश्वर्या एक वैश्विक स्तर की कलाकार हैं, जिन्होंने अपनी उपलब्धियों और प्रतिभा के दम पर भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया है।
पिछले दो दशकों से अधिक समय से कान फिल्म महोत्सव में नियमित रूप से भाग ले रहीं ऐश्वर्या राय बच्चन को इस वर्ष रेड कार्पेट पर उनकी उपस्थिति के बाद सोशल मीडिया पर 'बॉडी-शेमिंग' (किसी व्यक्ति के शारीरिक रूप, वजन, रंग, कद, शरीर के आकार या बाहरी बनावट का मजाक उड़ाना) और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने उनके वजन और रूप को लेकर आलोचनाएं कीं। माधुरी दीक्षित ने कहा कि ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एक शानदार विरासत बनाई है।
उनकी उपलब्धियों को नजरअंदाज कर केवल उनके रूप-रंग पर टिप्पणी करना युवाओं के लिए गलत संदेश देता है। वह पिछले 20 वर्षों से वहां जा रही हैं। उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। वह एक वैश्विक स्तर की कलाकार हैं। मिस वर्ल्ड बनने के बाद उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है। आप किसी व्यक्ति को उसके वजन, कपड़ों या उम्र के आंकड़ों तक सीमित नहीं कर सकते। वह सुंदर हैं और सिर्फ बाहर से ही नहीं, बल्कि दिल से भी सुंदर हैं। माधुरी और ऐश्वर्या ने देवदास में साथ काम किया था, जिसमें शाहरुख खान भी मुख्य भूमिका में थे।
ऐश्वर्या ने 2002 में इसी फिल्म के प्रीमियर के लिए पहली बार कान में हिस्सा लिया था। उस समय पीली साड़ी में उनकी उपस्थिति ने दुनियाभर का ध्यान आकर्षित किया था और तब से उन्हें अक्सर इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में भारत का चेहरा माना जाता है। माधुरी ने सोशल मीडिया पर ऐश्वर्या को लेकर की जा रही टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह की टिप्पणियां करके वे आज के युवाओं को क्या संदेश दे रहे हैं। क्या किसी व्यक्ति की कीमत सिर्फ इस बात से तय होती है कि वह कैसा दिखता है, उसकी उपलब्धियों से नहीं? यह पूरी तरह गलत संदेश है।

