Atithi Devo Bhava : फोन चार्ज किया, चाय पिलाई और हनुमान मंदिर दिखाया; दिल्ली में खो गई अमेरिकी सिएरा, भारतीय अंकल ने ऐसे जीता दिल
‘राम-राम’ लिखकर सिएरा ने कहा शुक्रिया, भारतीय अंकल की दरियादिली ने जीता विदेशी महिला का दिल
Atithi Devo Bhava : भारत को लेकर दुनिया में तरह-तरह की धारणाएं हो सकती हैं, लेकिन यहां की असली पहचान अक्सर किसी मुश्किल वक्त में सामने आती है। अमेरिका से भारत आई सिएरा लिलियन के साथ दिल्ली में कुछ ऐसा ही हुआ। शहर में रास्ता भटकने के दौरान जब वह घबरा गईं, तब एक अनजान भारतीय शख्स ने उनकी मदद की। सिएरा के मुताबिक, उस शख्स ने उन्हें सिर्फ रास्ता नहीं दिखाया, बल्कि ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना भी महसूस कराई।
अनजान शख्स ने दिया सुरक्षित महसूस करने का भरोसा
सिएरा ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जब वह परेशान थीं, तब अंकल उन्हें अपने ऑफिस ले गए। वहां उन्होंने सिएरा को फोन चार्ज करने की सुविधा दी और खुद कुछ देर के लिए बाहर चले गए। उनके व्यवहार से सिएरा को महसूस हुआ कि वह किसी अजनबी नहीं, बल्कि किसी मेहमान की तरह उनके साथ पेश आ रहे हैं।
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चाय से लेकर लस्सी तक, हर कदम पर अपनापन
अंकल ने सबसे पहले सिएरा को चाय पिलाई। इसके बाद उनकी सही लोकेशन पता कर उनके लिए उबर कैब बुक की। कैब आने तक उन्होंने सिएरा को अपने आसपास की दुनिया भी दिखाई। उन्होंने अपनी गायों का तबेला दिखाया, फिर उन्हें हनुमान मंदिर लेकर गए और अपनी हरी-भरी नर्सरी भी दिखाई। इतना ही नहीं, विदा होते समय उन्होंने सिएरा को लस्सी की एक बोतल भी दी। कैब में बैठने के बाद उन्होंने हाथ हिलाकर उन्हें विदा किया।
‘उन्होंने मुझे एक पल के लिए भी असुरक्षित महसूस नहीं होने दिया’
सिएरा ने अपने पोस्ट में लिखा कि अंकल ने यह सुनिश्चित किया कि उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रहे और वह किसी भी पल असुरक्षित महसूस न करें। उनके मुताबिक, इस अनजान शख्स की दरियादिली और बिना किसी उम्मीद के की गई मदद ने ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना को सच साबित कर दिया। सिएरा ने भारत के प्रति अपना प्यार जाहिर करते हुए पोस्ट के अंत में ‘राम-राम’ लिखा।
सोशल मीडिया पर लोग बोले- ‘आप सुरक्षित हाथों में थीं’
वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स भी इस कहानी से प्रभावित नजर आए। कई लोगों ने कहा कि सिएरा एक हनुमान भक्त के साथ थीं, इसलिए वह बिल्कुल सुरक्षित थीं। किसी ने इसे भारतीय संस्कृति और इंसानियत की खूबसूरत मिसाल बताया, तो किसी ने कहा कि मुश्किल वक्त में बिना किसी स्वार्थ के मदद करना ही असली मानवता है।

