Middle East Conflict : इजरायल-अमेरिका के हमलों से दहला ईरान : ट्रंप बोले- 'जिन्हें हम सत्ता में चाहते थे, वे मारे गए', खाड़ी देशों में अमेरिकी दूतावासों पर हमले
ईरान पर भारी बमबारी के बीच ट्रंप ने सत्ता परिवर्तन के इरादे को नकारा; जवाब में ईरान ने अमेरिकी दूतावासों पर किए ड्रोन हमले
Middle East Conflict : ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट करने के उद्देश्य से अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों से मध्य पूर्व में भारी उथल-पुथल है। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन उनका प्राथमिक लक्ष्य नहीं है। इस बीच, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब और यूएई में अमेरिकी दूतावासों पर ड्रोन हमले किए हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने कई मध्य पूर्वी देशों से अपने नागरिकों और गैर-जरूरी कर्मचारियों को निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सत्ता परिवर्तन पर ट्रंप का यू-टर्न
शुरुआती अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद, ट्रंप ने ईरानियों से अपनी सरकार को उखाड़ फेंकने का आग्रह किया था। लेकिन मंगलवार को ओवल ऑफिस से बोलते हुए उन्होंने अपने रुख में बदलाव के संकेत दिए। ट्रंप ने कहा कि ईरान के भीतर जिन लोगों को वे नेतृत्व के लिए सोच रहे थे, "वे लोग मारे गए हैं।" उन्होंने निर्वासन में रह रहे शाह के बेटे रजा पहलवी को भी सत्ता सौंपने की संभावना को खारिज कर दिया। इस बीच, ईरान अब 37 वर्षों तक शासन करने वाले खामेनेई के उत्तराधिकारी की तलाश में जुटा है।
परमाणु ठिकानों पर हमले और तेहरान में खौफ
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन स्थलों और एक गुप्त भूमिगत परमाणु मुख्यालय को नष्ट कर दिया है। इजरायली सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान अपने परमाणु प्रयासों को छिपाने की कोशिश कर रहा था। सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी सामने आया है कि तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति परिसर की गुंबददार छत रात भर हुए हमले में नष्ट हो गई है। तेहरान के निवासियों में दहशत का माहौल है और बाजारों में सन्नाटा पसरा है। इजरायली सेना ने कोम शहर में उस इमारत को भी निशाना बनाया, जहां नए सर्वोच्च नेता के चुनाव के लिए मौलवियों की बैठक होनी थी।
खाड़ी देशों में दूतावासों पर हमले और नागरिक निकासी
ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन से हमले किए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि दुबई में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। यूएई ने जानकारी दी है कि ईरान ने उस पर 1,000 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिनमें से ज्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालात बिगड़ते देख अमेरिकी विदेश विभाग ने कुवैत, बहरीन, इराक, कतर, जॉर्डन और यूएई से अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया है और अमेरिकियों के लिए चार्टर उड़ानों की तैयारी कर रहा है।
हमलों में 787 लोगों की मौत, 6 अमेरिकी सैनिक भी हताहत
रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, इन हमलों में ईरान में कम से कम 787 लोग मारे गए हैं। लेबनान में हिजबुल्लाह पर हुए इजरायली हमलों में सात बच्चों सहित 50 लोगों की जान गई है। इसके अलावा, यूएई में तीन, कुवैत और बहरीन में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। अमेरिकी सेना ने अपने छह सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने ईरान द्वारा खाड़ी पड़ोसियों पर किए गए हमलों की आलोचना करते हुए इसे एक 'खामियों भरी रणनीति' बताया है।

