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US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकर किए तबाह, जवाब में जॉर्डन पर मिसाइल हमला

US-Iran War: 18 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें जॉर्डन ने हवा में रोकीं; होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर नए प्रतिबंध भी लगाए

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8 सितंबर, 2026 को जारी वीडियो से ली गई इस स्थिर तस्वीर में, ईरानी कच्चा तेल ले जाने वाला जहाज हमले के बाद जलता हुआ दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर ईरानी मिसाइल हमलों की कोशिशों के बाद इसे निशाना बनाया गया। फोटो रॉयटर्स
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US-Iran War: अमेरिकी सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने युद्धपोतों पर हुए ताजा हमलों के जवाब में ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इसके बाद तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। छह महीने से अधिक समय से जारी युद्ध में दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों की यह ताजा कड़ी है, जिससे दोनों देश एक बार फिर लड़ाई की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने उसके क्षेत्र की ओर दागी गई 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया, जबकि दो अन्य मिसाइलें ऐसे स्थानों पर गिरीं जहां कोई आबादी नहीं थी।

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सेना ने कहा कि उसे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। जॉर्डन अमेरिका का घनिष्ठ सहयोगी है और वहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इसी वजह से जॉर्डन के सैन्य ठिकाने ईरान के हमलों का बार-बार निशाना बन रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। सेंट्रल कमांड ने बताया कि सेना ने मंगलवार को ईरान के टैंकरों पर हमला किया था, क्योंकि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पिछले दो दिनों में दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाया था।

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सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा, ''अमेरिकी युद्धपोत ने ईरान के हमले के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया और क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त जारी रखी। किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा।'' उसने बताया कि मंगलवार को नष्ट किए गए ईरानी तेल टैंकरों में ओमान की खाड़ी में मौजूद 'किविक', 'चारमीनार', 'होराइजन-1' और 'रिस्को' शामिल थे।

अमेरिकी सेना ने 'दर्या' नामक पोत को भी नष्ट कर दिया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में खार्ग द्वीप के पास था। बयान में कहा गया कि हमलों से पहले पांचों पोतों के चालक दल को जहाज छोड़ने के लिए कहा गया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी अमेरिकी हमलों की जानकारी दी। उसने बताया कि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी बंदरगाह जास्क और फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया।

उसने कहा कि टैंकरों के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया। जास्क में ईरान के सरकारी टीवी के एक संवाददाता ने बताया कि यकबेनी के तट के पास एक ईरानी टैंकर को निशाना बनाया गया। सरकारी टीवी ने बाद में बताया कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास समुद्री क्षेत्र में एक दूसरे टैंकर पर भी हमला किया। उसने यह भी बताया कि खार्ग द्वीप के एंकरेज क्षेत्र में एक अन्य ईरानी टैंकर पर हमला किया गया।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने मंगलवार को कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को तुरंत अपने जहाज छोड़ने की चेतावनी दी थी। उसने कहा था कि अमेरिकी हमलों के जवाब में इन जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत और बहरीन पर अमेरिकी बलों को अपने यहां ठहरने की अनुमति देने और इन हमलों में सहायता करने का आरोप लगाया गया।

ये ताजा हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी आर्थिक और सैन्य रणनीति का हिस्सा हैं। ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को ईरान के विमानन उद्योग के कुछ और हिस्सों पर भी प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों में 24 से अधिक वाणिज्यिक और निजी विमानन कंपनियों के साथ-साथ विदेशी माल ढुलाई सेवा देने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। यह तेहरान को उसके बचे हुए व्यापारिक साझेदारों से अलग-थलग करने की अमेरिका की नयी कोशिश का हिस्सा है।

अमेरिका और ईरान दोनों होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कायम करना चाहते हैं। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल तेल का करीब पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता था। अमेरिकी सेना ने शनिवार को भी तीन ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया था। उस समय ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बैलिस्टिक मिसाइलों से एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और विध्वंसक पोत पर हमला करने की कोशिश की थी।

अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि वह ''जरूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और असुरक्षित तेल बेड़े को नष्ट कर देगा।'' इसके बाद ईरान ने कहा था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक नया ''प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र'' घोषित करने की योजना बना रहा है, जिसका उद्देश्य उन जहाजों को रोकना या उन पर निगरानी रखना होगा, जिनके बारे में ईरान को संदेह है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के हमलों का जवाब जरूर देगा। कोलंबिया की यात्रा के दौरान मंगलवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब में रुबियो ने ईरान में हुए ताजा हमलों के बारे में कहा, ''ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। और जब भी वे ऐसा करते हैं या ऐसा करने की कोशिश करते हैं, उन्हें टैंकर गंवाने पड़ेंगे, और मुझे लगता है कि आज भी आप ऐसा ही होते देखेंगे।''इस्राइल के 'इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज' के ईरान विशेषज्ञ डैनी सिट्रिनोविच ने चेतावनी दी कि इस तरह के लगातार जवाबी हमलों से और अधिक प्रतिशोध का खतरा बढ़ सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर और गहरा सकता है।

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