US Iran Clash : होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना पर ईरानी हमला, अमेरिका का जवाबी कार्रवाई का दावा
डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'उन्होंने हमसे खिलवाड़ किया, हमने उन्हें उड़ा दिया', युद्धविराम के बावजूद हालात नाजुक
US Iran Clash : होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के तीन पोतों पर ईरानी हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव गहरा गया है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने इस हमले को न सिर्फ नाकाम किया, बल्कि आत्मरक्षा में ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई भी की है। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पिछले एक महीने से जारी युद्धविराम की नाजुक स्थिति को उजागर कर दिया है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान में धमाके
'यूएस सेंट्रल कमांड' ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना बिना किसी उकसावे के किए गए इस हमले के बाद अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहती। हमले में किसी अमेरिकी पोत को नुकसान नहीं पहुंचा है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने आज हमसे खिलवाड़ किया और हमने उन्हें उड़ा दिया।
उधर, ईरान की सरकारी मीडिया ने भी फारस की खाड़ी के सबसे बड़े द्वीप 'केशम' पर दोनों देशों के बलों के बीच गोलीबारी की पुष्टि की है। ईरान के पश्चिमी तेहरान और दक्षिणी हिस्से बंदर अब्बास के पास भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं, हालांकि इन धमाकों के स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय नौवहन पर मंडराया संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक अहम व्यापारिक मार्ग है। हाल ही में ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों की जांच और कर वसूली के लिए एक नई सरकारी एजेंसी बनाई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नौवहन को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। इस मार्ग पर नियंत्रण के प्रयास के कारण सैकड़ों वाणिज्यिक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और खुले समुद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक ईरानी तेल टैंकर पर भी गोलीबारी की थी।
शांति प्रयासों के बीच बमबारी की धमकी
कूटनीतिक मोर्चे पर, ईरान ने कहा है कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के नवीनतम प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेटिकन में पोप के साथ पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों पर चर्चा की है। दूसरी ओर, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि युद्ध समाप्त करना और बाधित तेल आपूर्ति शुरू करना ईरान द्वारा समझौते को स्वीकार करने पर निर्भर करता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर वे सहमत नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी।

