US Iran Tension : ईरान की घेराबंदी, ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने लगाई समुद्री नाकेबंदी, ट्रंप की चेतावनी-करीब आए ईरानी युद्धपोत तो कर देंगे तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात किए युद्धपोत, बिना अनुमति घुसने वाले जहाजों को जब्त करने के निर्देश; उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- परमाणु समझौते के करीब पहुंचे दोनों देश
US Iran Tension : 14 अप्रैल खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी ईरानी युद्धपोत अमेरिकी नाकेबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार शाम से ओमान की खाड़ी और अरब सागर में बड़े पैमाने पर समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर के क्षेत्रों में सोमवार भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से नाकेबंदी प्रभावी हो गई है। नाविकों के लिए जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले किसी भी जहाज को रोका जा सकता है, उसका रास्ता बदला जा सकता है या उसे जब्त किया जा सकता है। यह प्रतिबंध उन सभी जहाजों पर लागू होगा जो ईरानी बंदरगाहों, तेल टर्मिनलों या तटीय सुविधाओं के साथ व्यापार या संपर्क में हैं।
हालांकि, अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि इस नाकेबंदी से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से उन देशों के जहाजों के आवागमन में बाधा नहीं आएगी, जिनका गंतव्य ईरान नहीं है।
ईरान की 'रेड बीज' वाली धमकी
अमेरिका की इस घेराबंदी पर ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने अपने 'रेड बीज' (लाल मधुमक्खियां) नाम के तेज रफ्तार मिसाइल बोट्स को सक्रिय कर दिया है। ईरानी बयान में कहा गया है कि उनकी ये मिसाइल बोट्स अमेरिकी जहाजों को घेरने के लिए तैयार हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को जल्द ही पता चल जाएगा कि जहाजों का यह झुंड उन्हें किस तरह पंगु बना सकता है।
परमाणु वार्ता में प्रगति का दावा
इस सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक मोर्चे से कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक साक्षात्कार में बताया कि इस्लाबाद में हुई वार्ता में ईरान से परमाणु सामग्री हटाने और भविष्य में यूरेनियम संवर्धन रोकने के तंत्र पर कुछ प्रगति हुई है।
वेंस के अनुसार, ईरानी वार्ताकार समझौते की दिशा में आगे बढ़े हैं, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए उन्हें तेहरान से मंजूरी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को एक सामान्य अर्थव्यवस्था वाले देश के रूप में देखना पसंद करेंगे, लेकिन इसके लिए अगला कदम ईरान को ही उठाना होगा।

