UAE Drone Attack : ईरान-अमेरिका युद्ध: संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन और मिसाइल हमला, संघर्ष विराम पर मंडराया खतरा
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाजों को भी बनाया निशाना, ट्रंप ने दी भीषण युद्ध की चेतावनी
UAE Drone Attack : ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के दौरान बना अस्थिर संघर्ष विराम (Ceasefire) शुक्रवार को भारी दबाव में आ गया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने क्षेत्र पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमले को नाकाम करने की पुष्टि की है। यह घटना उस जवाबी कार्रवाई के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपने तीन नौसैनिक जहाजों पर हुए हमलों को विफल कर ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
नाजुक दौर में शांति वार्ता और ट्रंप का कड़ा रुख
यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्ष युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान को सख्त चेतावनी दी है।
ट्रंप ने कहा, "उन्हें समझना होगा: यदि समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए, तो उन्हें बहुत दर्द सहना होगा।" जब उनसे पूछा गया कि समझौता कितना करीब है, तो उन्होंने कहा कि यह किसी भी दिन हो सकता है और शायद न भी हो। उधर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि वे पाकिस्तान के माध्यम से मिल रहे संदेशों की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव और रक्षात्मक हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने 'बिना उकसावे' के अमेरिकी जहाजों पर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जहाँ से ये हमले किए गए थे। सेना ने स्पष्ट किया कि कोई भी अमेरिकी जहाज क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है और वे क्षेत्र में अपने बलों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान का हॉर्मुज पर नया नियंत्रण: वैश्विक संकट गहराया
युद्ध के बीच ईरान ने 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' नामक एक नई सरकारी एजेंसी गठित की है। शिपिंग डेटा फर्म 'लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस' के अनुसार, यह एजेंसी हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलने और उन्हें अनुमति देने का काम करेगी।
वैश्विक व्यापार पर असर:
जहाजों की आवाजाही ठप: वर्तमान में सैकड़ों वाणिज्यिक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
तेल की कीमतें: ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतें बढ़ गई हैं।
कानूनी विवाद: समुद्री कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) का खुला उल्लंघन है।
शांति के लिए पाकिस्तान के प्रयास
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वे युद्ध रोकने और संघर्ष विराम को बढ़ाने के लिए दिन-रात दोनों देशों के संपर्क में हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की है। इस बीच, खबर है कि 14 और 15 मई को वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के बीच भी प्रत्यक्ष वार्ता शुरू हो सकती है।

