मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप का सख्त बयान- ईरान को एक ही रात में हराया जा सकता है
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज कहा कि ईरान को एक ही रात में हराया जा सकता है और वह रात शायद कल रात हो सकती है। ट्रंप ने उस पत्रकार को जेल भेजने की धमकी दी, जिसने सबसे पहले यह खबर दी थी कि अमेरिकी बल ईरान में मार गिराए गए एफ-15 लड़ाकू विमान के पायलट की तलाश कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर वह अपने सूत्रों का खुलासा नहीं करता है तो उसे जेल भेज दिया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि जिस व्यक्ति ने यह खबर दी अगर वह (सूत्र के बारे में) नहीं बताएगा तो वह जेल जाएगा...। ट्रंप ने पत्रकार या समाचार संगठन का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सूचना लीक होने से ईरानियों को भनक लग गई, जिससे उस अधिकारी और उसे बचाने वालों की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने सूचना लीक करने वाले को ''बीमार मानसिकता वाला व्यक्ति'' बताया।
राष्ट्रपति ने बताया कि दूसरे पायलट को बचाने के लिए अमेरिका द्वारा चलाए गए अभियान में 155 विमान शामिल थे। ट्रंप ने कहा कि इनमें विशेष रूप से चार बमवर्षक विमान, 64 लड़ाकू विमान, ईंधन भरने वाले 48 टैंकर विमान और 13 बचाव विमान समेत अन्य साधन शामिल थे। इसमें कई विमान ईरानियों को भ्रमित करने की योजना का हिस्सा थे क्योंकि वे भी लापता चालक दल के सदस्य की तलाश कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि उन्हें लगे कि पायलट किसी दूसरी जगह पर है। ट्रंप ने कहा कि पायलट ने उसे दिए गए प्रशिक्षण के अनुसार दुर्घटनास्थल से अधिक से अधिक दूर जाने की कोशिश की। ट्रंप ने कहा कि जब कोई विमान शत्रु के क्षेत्र में गिरता है ''तो वे सब (शत्रु) सीधे उसी जगह पहुंचते हैं, ऐसे में आप जितना दूर हो सकें, उतना दूर जाना चाहते हैं।
ट्रंप ने कहा कि अधिकारी का खून बहुत अधिक बह रहा था, लेकिन वह पहाड़ी इलाके में चट्टान पर चढ़ने और अमेरिकी बलों से संपर्क कर अपनी स्थिति बताने में कामयाब रहा। विमान के मार गिराए जाने के बाद दो पायलट उससे बाहर निकलने के बाद जीवित अवस्था में ''दुश्मन के क्षेत्र'' ईरान में उतरे थे। ट्रंप ने बताया कि पहली खेप में तलाश और बचाव के लिए 21 विमान भेजे गए, जिन्होंने ''दुश्मन की अत्यंत भारी गोलाबारी'' के बीच कई घंटे तक उड़ान भरी।

