ट्रंप ने की ब्रिटिश PM स्टॉर्मर की ईरान नीति की आलोचना, कहा- रुख 'बहुत मददगार नहीं'
देखकर बहुत दुख होता है कि यह रिश्ता अब स्पष्ट रूप से वैसा नहीं रहा जैसा पहले था
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों के मामले में ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर का रुख 'बहुत मददगार नहीं' रहा। उन्होंने, हालांकि फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय सहयोगियों की प्रतिक्रिया की सराहना की।
ट्रंप ने लंदन के 'द सन' अखबार को व्हाइट हाउस से फोन पर दिए साक्षात्कार में कहा कि वह यह देखकर ''बहुत दुखी'' हैं कि ब्रिटेन-अमेरिका के बीच विशेष संबंध अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले था। उन्होंने पहले स्टॉर्मर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए ब्रिटिश एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति देने में ''बहुत अधिक समय लिया''।
ट्रंप ने कहा कि वह (स्टॉर्मर) मददगार साबित नहीं हुए। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे यह देखने को मिलेगा। हम ब्रिटेन से प्यार करते हैं। असल में यह एक अलग दुनिया है। यह आपके देश के साथ हमारे पहले के रिश्ते से एक बहुत ही अलग प्रकार का संबंध है। यह देखकर बहुत दुख होता है कि यह रिश्ता अब स्पष्ट रूप से वैसा नहीं रहा जैसा पहले था।
इससे एक दिन पहले स्टॉर्मर ने ईरान पर हमलों में ब्रिटेन के शामिल होने के फैसले के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया था और कहा कि ब्रिटेन में उनकी लेबर पार्टी की सरकार "हमलों के जरिये" किसी देश के सत्ता-परिवर्तन में विश्वास नहीं करती। उन्होंने सोमवार को संसद में कहा कि इतिहास के सबक ने हमें सिखाया है कि जब हम इस तरह के निर्णय लेते हैं, तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि जो कुछ ब्रिटेन कर रहा है उसका कानूनी आधार मौजूद हो- यह इराक से लिए गए सबकों में से एक है... यही सिद्धांत मैंने अमेरिकी और इजराइली आक्रामक हमलों में शामिल न होने के निर्णय में लागू किए।
ईरानी शासन के भीतर से किसी व्यक्ति का सत्ता संभालना सबसे अच्छा विकल्प
इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-इजराइल का सैन्य अभियान समाप्त होने के बाद ईरानी शासन के भीतर से ही किसी व्यक्ति का सत्ता संभालना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। उनका प्रशासन इस बात के समर्थन में नहीं है कि ईरान के अंतिम के शाह के बेटे रजा पहलवी सत्ता की बागडोर संभालें। वर्तमान में, पहलवी निर्वासन में रह रहे हैं।

