Tarique Rahman: तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
Tarique Rahman: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने तारिक रहमान को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनकी मां और पार्टी अध्यक्ष खालिदा जिया के निधन के कुछ दिन बाद की गई है। शुक्रवार को हुई एक बैठक में...
Tarique Rahman: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने तारिक रहमान को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनकी मां और पार्टी अध्यक्ष खालिदा जिया के निधन के कुछ दिन बाद की गई है।
शुक्रवार को हुई एक बैठक में बीएनपी की स्थायी समिति ने तारिक रहमान को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त करने को मंजूरी दी। ‘ढाका ट्रिब्यून' के अनुसार, बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद मीडिया को इस नियुक्ति की पुष्टि की।
समाचार पोर्टल ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम' के अनुसार, शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा कि पांच अगस्त 2024 को अवामी लीग शासन के पतन से पहले जैसी राजनीतिक परिस्थितियों में देश के लौटने का ‘‘कोई कारण नहीं'' है।
रहमान ने कहा, ‘‘हम पांच अगस्त से पहले के दिनों में वापस नहीं जाना चाहते। ऐसा करने का हमारे पास कोई कारण नहीं है।'' बीएनपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि रहमान ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया है।
बीएनपी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय नेता बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था। बीएनपी के संविधान के अनुरूप राष्ट्रीय स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई।'' इसने कहा, ‘‘बैठक में तारिक रहमान को सर्वसम्मति से रिक्त पद पर नियुक्त किया गया और औपचारिक रूप से बीएनपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।''
लंदन में 17 वर्षों के स्व-निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान को उनकी मां और पार्टी अध्यक्ष खालिदा जिया के निधन के बाद अध्यक्ष नियुक्त किया गया। तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकीं और बीएनपी की प्रमुख नेता खालिदा जिया का 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
रहमान (60) चुनाव में प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। उन्हें 2002 में बीएनपी का वरिष्ठ संयुक्त महासचिव बनाया गया था और 2009 में वह वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने।
2018 में जब खालिदा जिया को जेल में रखा गया था, तब रहमान को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। फरवरी में होने वाले चुनाव में सत्ता हासिल करने की दौड़ में बीएनपी प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

