International Booker Prize 2026: ताइवान की लेखिका यांग शुआंग-जी को ‘ताइवान ट्रैवलॉग’ के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार
International Booker Prize 2026: 1930 के दशक के जापानी कब्जे वाले ताइवान पर आधारित ऐतिहासिक प्रेमकथा बनी मंदारिन चीनी की पहली विजेता कृति
International Booker Prize 2026: ताइवान की लेखिका यांग शुआंग-जी और अनुवादक लिन किंग ने मंगलवार को उनके उपन्यास ''ताइवान ट्रैवलॉग'' के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता। यह 1930 के दशक में जापान के कब्जे वाले ताइवान की पृष्ठभूमि पर आधारित एक ऐतिहासिक प्रेमकथा है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाला मंदारिन चीनी भाषा में लिखा गया पहला उपन्यास है, जिसे अंग्रेजी में अनुवादित किया गया। चयन समिति की अध्यक्ष ब्रिटिश उपन्यासकार नताशा ब्राउन ने इस किताब को ''बेहद दिलचस्प और व्यंग्यात्मक रूप से परिष्कृत'' बताया।
उन्होंने कहा कि यह किताब भाषा और सत्ता जैसे विषयों के साथ दिलचस्प तरीके से पेश आती है और पाठकों को लगातार आश्चर्य में डालती रहती है। यह उपन्यास एक जापानी उपन्यासकार की ताइवान की पाक कला यात्रा पर आधारित काल्पनिक यात्रा-संस्मरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है और इसमें उस लेखिका तथा उसके स्थानीय दुभाषिया के बीच के जटिल रिश्ते को दर्शाया गया है।
ब्राउन ने कहा कि यह किताब वर्ग और उपनिवेशवाद जैसे मुद्दों की पड़ताल करती है और यह सवाल उठाती है कि ''क्या प्रेम सत्ता के असंतुलन को पार कर सकता है?'' कथा साहित्य, निबंध और वीडियो गेम की पटकथाएं लिखने वाली यांग ने कहा है कि वह ''ताइवान के जापानी उपनिवेश काल की जटिल परिस्थितियों को समझना और सुलझाना'' चाहती थीं।
उन्होंने बुकर पुरस्कार की वेबसाइट से कहा, ''उपन्यास के मुख्य विषयों यात्रा और भोजन पर शोध करने से मेरी जिंदगी दो स्पष्ट तरीकों से बदली: मेरी बचत कम हो गई और मेरा वजन बढ़ गया।'' मूल भाषा में वर्ष 2020 में प्रकाशित ताइवान ट्रैवलॉग यांग की पहली पुस्तक है जिसका अंग्रेजी में अनुवाद किया गया।
अमेरिका में इसने 2024 में राष्ट्रीय पुस्तक पुरस्कार के अनुवाद श्रेणी का पुरस्कार भी जीता था। इस पुस्तक ने अंतिम सूची में जगह बनाने वाली पांच अन्य पुस्तकों को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार जीता।
यह पुरस्कार दुनिया भर की उन अनूदित कृतियों को दिया जाता है, जो ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित होती हैं। पुरस्कार राशि लगभग 67 हजार अमेरिकी डॉलर है, जिसे लेखक और अनुवादक के बीच बराबर बांटा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार की शुरुआत अन्य भाषाओं के कथा साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए की गई थी। साथ ही यह साहित्यिक अनुवादकों के अक्सर कम आंके जाने वाले काम को सम्मान देने का भी प्रयास है। यह पुरस्कार अंग्रेजी भाषा के कथा साहित्य के लिए दिए जाने वाले बुकर पुरस्कार के साथ दिया जाता है, जिसकी घोषणा वसंत ऋतु में होगी। वहीं, बच्चों के लिए शुरू किया गया 'चिल्ड्रंस बुकर प्राइज' पहली बार अगले वर्ष प्रदान किया जाएगा।

