Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

कभी दूध बेचते थे पानीपत के सिवाच, आज चांदी से चमके

एशियाड : ग्रीको-रोमन कुश्ती में 64 साल बाद रजत पदक

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
अपने पदक के साथ पहलवान नितेश सिवाच (बाएं)। साथ हैं कोच हरगोबिंद सिंह। -प्रेट्र
Advertisement

नितेश सिवाच ने बृहस्पतिवार को 64 साल बाद एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत को पहला रजत पदक दिलाया। हालांकि वे जापान के खिलाड़ी से हार कर स्वर्ण पदक से चूक गए। 1962 में मालवा सिंह (52 किग्रा) और गणपत अंडालकर (97 किग्रा से अधिक) ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि उदय चंद (70 किग्रा), सज्जन सोंघ (87 किग्रा) और मारुति माने (97 किग्रा) ने रजत पदक जीते थे।

नितेश सिवाच 15 साल की उम्र में हरियाणा के पानीपत में अपने पिता के साथ दूध बेचते थे। दो साल तक सुबह पांच बजे उठने और शाम पांच बजे घर लौटने के बाद नितेश ने अपने परिवार की अनुमति से कुश्ती का प्रशिक्षण शुरू किया। उनकी मेहनत का फल अब जापान में मिला है। नितेश ने फाइनल के बाद कहा, ‘मेरे पिता दूधवाले हैं। जब मैं 15 साल का था, मेरे घुटने का ऑपरेशन हुआ था। मैंने अपने पिता के साथ दूधवाले के रूप में काम करना शुरू किया। मैं हर दिन दूध बेचता था।’ उन्होंने कहा, ‘मैं घर पर अकेला था इसलिए मेरे पिता ने मुझसे कहा ‘तुम घर पर अकेले क्या कर रहे हो? मेरे साथ (दूध बेचने) चलो’। मैं अपने पिता के साथ पानीपत जाता था।’ नितेश ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि मैं फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा। मैं और बेहतर कर सकता था, लेकिन अभी भी मुझमें कुछ कमियां हैं। अब मैं अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालीफायर पर ध्यान केंद्रित करूंगा।’ उधर, मानसी कांस्य पदक जीतने से चूक गईं।

Advertisement

Advertisement

सेलिंग में रजत और कांस्य केरल के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ की नौवीं रेस में रजत पदक जीता। महिला वर्ग में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता। महिला और पुरुष स्क्वाश टीमें अपने अपने सेमीफाइनल मुकाबले हारकर कांस्य पदक जीतीं। कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणिरत्नम को भी कांस्य पदक मिला। गोल्फ में भारत की प्रणवी उर्स और भारतीय महिला टीम पदक की दौड़ में है। भारत ने अब तक दस स्वर्ण, 23 रजत और 32 कांस्य समेत 65 पदक जीत लिये और तालिका में आठवें स्थान पर है।

नजरें गोल्ड पर हॉकी में पाक को हराया, क्रिकेट में पाक से होगा फाइनल मुकाबला

एशियाई खेलों में बृहस्पतिवार को भारत ने क्रिकेट और हॉकी में गत चैंपियन पुरुष टीमों ने फाइनल में प्रवेश करके स्वर्ण बरकरार रखने की ओर कदम बढ़ा दिये हैं। पुरुष हॉकी में आखिरी सीटी बजने से 45 सेकंड पहले अभिषेक के गोल के दम पर पाकिस्तान को 4.3 से हराकर भारतीय पुरूष टीम फाइनल में पहुंच गई। तीन अक्तूबर को फाइनल में भारत का सामना मलेशिया या कोरिया से होगा। क्रिकेट में कठिन पिच पर ईशान किशन के 46 गेंद में नाबाद 80 रन की मदद से भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बना ली, जहां उसका सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। ईशान के 80 रन और वैभव सूर्यवंशी के 21 गेंद में 38 रन की मदद से भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर सात विकेट पर 169 रन बनाये। जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 9.5 ओवर में 45 रन पर आउट हो गई।

Advertisement
×