Russia-Ukraine War : रूसी आक्रमण के 4 साल होने पर जेलेंस्की ने कहा- यूक्रेनवासियों को तोड़ नहीं पाए पुतिन
जंग में हजारों लोग मारे गए हैं, लाखों यूक्रेनवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया
Russia-Ukraine War : यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के 4 साल मंगलवार को पूरे होने पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस 'यूक्रेनवासियों को तोड़ नहीं पाया है' और न ही वह यह जंग जीत पाया है। इस आक्रमण ने यूक्रेन और उसके सहयोगियों के संकल्प की कड़ी परीक्षा ली है तथा रूस की महत्वाकांक्षा को लेकर यूरोपीय आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
इस बीच, रूसी सरकार के प्रमुख कार्यालय 'क्रेमलिन' के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आक्रमण जारी रहेगा। यूक्रेन के प्रति समर्थन जताने के लिए एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ यूरोपीय अधिकारी मंगलवार को यहां पहुंचे। इस जंग में हजारों लोग मारे गए हैं, लाखों यूक्रेनवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यूक्रेन की सीमाओं से परे भी अस्थिरता पैदा हो गई है।
वाशिंगटन स्थित विचार मंच 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' के अनुसार, जेलेंस्की ने कहा कि उनके देश ने रूस की बड़ी और बेहतर सुसज्जित सेना के हमले का सामना किया है। रूस पिछले साल यूक्रेन के केवल 0.79 प्रतिशत क्षेत्र पर ही कब्जा कर पाया है। अब यूक्रेन के करीब 20 प्रतिशत हिस्से पर रूस का कब्जा है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि आक्रमण की शुरुआत को याद करते हुए और आज की स्थिति पर विचार करते हुए, हमें यह कहने का पूरा अधिकार है: हमने अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की है, हमने देश का अपना दर्जा नहीं खोया है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ''अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर पाए हैं।
वह (पुतिन) यूक्रेनवासियों को तोड़ नहीं पाए। उन्होंने यह युद्ध नहीं जीता है। हालांकि, जैसे-जैसे इस विनाशकारी युद्ध का पांचवा वर्ष शुरू हो रहा है, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप के इस सबसे बड़े सशस्त्र संघर्ष के अंत के लिए अमेरिका के नेतृत्व में किए जा रहे राजनयिक प्रयास शांति संधि को संभव बनाने वाले किसी भी समझौते तक पहुंचते नजर नहीं आ रहे हैं। कीव के केंद्रीय चौक पर बने एक अस्थायी स्मारक पर जेलेंस्की ने कहा कि वह चाहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यहां आएं और यूक्रेन के लोगों की पीड़ा को स्वयं देखें।
जेलेंस्की ने कहा कि तभी कोई सही मायने में समझ पाएगा कि यह युद्ध वास्तव में क्या है। इस बीच क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आक्रमण जारी रहेगा। इन लक्ष्यों में यूक्रेन से नाटो में शामिल होने की अपनी कोशिश छोड़ने, अपनी सेना में भारी कटौती करने और विशाल भूभाग को सौंपने की मांग शामिल है।

