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अभिभाषण पर विधानसभा में राजनीतिक दंगल : भाजपा ने सेवा-समर्पण गिनाया, कांग्रेस ने बेरोजगारी-किसान और ड्रग्स को लेकर सरकार को घेरा

पवन खरखौदा बोले, हमारी सरकार इरादों से चलती है, विपक्ष 70 साल के बही-खातों से पगड़ी उछाल रहा

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राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गई। सत्ता पक्ष ने अभिभाषण को ‘सेवा, समर्पण और सुशासन का दस्तावेज़’ बताते हुए सरकार के कामकाज की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष ने इसे ‘हकीकत से दूर सपनों की किताब’ करार दिया।

भाजपा  विधायकों ने जहां बिजली, नौकरी, स्वास्थ्य और किसानों के हित में हुए सुधारों को रेखांकित किया, वहीं कांग्रेस ने बेरोजगारी, डूबती कृषि अर्थव्यवस्था, ड्रग ओवरडोज से मौतें, नहर प्रणाली की खराबी और युवाओं के पलायन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। चर्चा के दौरान विधानसभा कई बार तंज, पलटवार, और राजनीतिक व्यंग्य से गूंज उठी।

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खरखौदा से भाजपा विधायक पवन खरखौदा ने अभिभाषण को सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में सेवा, समर्पण और संस्कृति का उल्लेख मात्र शब्द नहीं, सरकार के कामकाज की जड़ है। उन्होंने पूर्व सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले नौकरी मिलती थी तो परिवार खुश होता था, अब युवा सीना ठोककर बताते हैं कि उन्हें नौकरी मिली है।

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बिजली पर बोलते हुए कहा कि पहले खाने के समय बिजली चली जाती थी, बिल भरने के लिए लंबी लाइन लगती थी। अब जगमग योजना ने गांवों तक निर्बाध बिजली पहुंचाई है। पवन ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा, ‘पांडवों की जीत कृष्ण के कारण हुई... आज केंद्र में नरेंद्र मोदी और हरियाणा में नायब सैनी उसी चक्रधारी की तरह दिशा दे रहे हैं।’ उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, ‘भाजपा एक समंदर है, ये लोग उसे सुखाने में लगे हैं। जिनके 70 साल के बही-खाते खराब पड़े हैं, आज वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे हैं।’

‘वंदेमातरम् से विकास नहीं होगा, जमीन पर काम चाहिए’

पिहोवा से कांग्रेस विधायक मंदीप चट्‌ठा ने अभिभाषण में उपयोग किए गए शब्दों को अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के नारे से किसानों की आय दोगुनी नहीं होगी, न ही बेरोजगारी खत्म होगी। उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याएं गिनवाते हुए कहा कि नहरों की सफाई नहीं हुई। बाढ़ में फसल का नुकसान हुआ लेकिन मुआवजा नहीं मिला। ऐतिहासिक पिहोवा मेले की सड़कें खराब हैं। पंजाब बॉर्डर क्षेत्र में 3 महीनों में कई माइनर बच्चों की ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई। उन्होंने कह कि राष्ट्रवाद के नारे से किसान और बेरोजगार का भला नहीं होगा। विकास कागज़ पर नहीं, जमीन पर दिखता है।

पूजा चौधरी - ‘हम हरियाणा के निवासी हैं, भारत के नागरिक’

मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने अभिभाषण में नागरिक शब्द के साथ ‘निवासी’ जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारत में एकल नागरिकता है। हम भारतीय नागरिक हैं, लेकिन हरियाणा के निवासी हैं, यह भी मान्यता मिलनी चाहिए।

आज हर गांव से एमबीबीएस निकल रहा है : जून

बहादुरगढ़ से निर्दलीय विधायक राजेश जून ने कहा कि 10 साल पहले एक गांव में शायद ही कोई बच्चा एमबीबीएस करता था, आज 8-10 बच्चे प्रति गांव एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बुजुर्गों की 3200 सम्मान भत्ता, आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के इलाज और पशुपालन में सुधार का उल्लेख करते हुए सरकार को ‘रामराज्य के रास्ते पर चलने वाली सरकार’ बताया। उन्होंने विपक्ष को तंज कसते हुए कहा कि इनका काम चिल्लाना है... चिल्लाते रहेंगे।

कांग्रेस ने दक्षिण हरियाणा से भेदभाव किया : कंवर

महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को मजबूत बनाने के लिए 24 फसलों का एमएसपी दिया। बाजरे की कीमत 700 से बढ़ाकर 2775 रुपये करने और हाल ही में गुणवत्ता कम होने पर 575 रुपये भावांतर देने को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ में पानी 2000 फीट नीचे है, लेकिन कांग्रेस ने दक्षिण हरियाणा के साथ विश्वासघात किया। भाजपा सरकार ने नहरों के रीमॉडलिंग कर अंतिम टेल तक पानी पहुंचाया।

पेटवाड़ ने ट्रिपल-सी से किया कटाक्ष

नारनौंद से कांग्रेस एमएलए जस्सी पेटवाड़ ने सरकार पर करार प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार ट्रिपल-सी यानी क्राइम, करप्शन और कास्टीजम का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने शिक्षा विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए कि पीएचडी किए युवाओं को 10 हजार देकर उनसे बच्चों को पढ़वाया जा रहा है। बाहर के बच्चों को प्रोफेसर ऑफ प्रेक्टिस बनाया जा रहा है। हरियाणा के युवाओं को हरियाणा कौशल रोजगार निगम में 4-4 महीने वेतन नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह विश्वगुरु की सरकार कहती है, लेकिन हालत यह है कि युवा विदेश जाते हैं और वापस बेड़ियों में लाए जाते हैं।

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