Operation Nicolás Maduro : महीनों की तैयारी के बाद अंधेरे में ऑपरेशन, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो कैसे पकड़ा अमेरिका ने
Operation Nicolás Maduro : महीनों तक पर्दे के पीछे चली सैन्य तैयारी, बारीक खुफिया निगरानी और अंधेरे में अंजाम दिए गए एक बेहद साहसिक अभियान के तहत अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने...
Operation Nicolás Maduro : महीनों तक पर्दे के पीछे चली सैन्य तैयारी, बारीक खुफिया निगरानी और अंधेरे में अंजाम दिए गए एक बेहद साहसिक अभियान के तहत अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने का दावा किया है। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सीधी मंजूरी के बाद की गई, जिसे ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया गया।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि महीनों से योजनाबद्ध एक ऐसा ऑपरेशन था, जिसमें सेना, खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन तंत्र ने मिलकर काम किया।
तट से राजधानी तक बढ़ता दबाव
पिछले कई महीनों से अमेरिकी सेना वेनेजुएला के तट के पास अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रही थी। इस दौरान कथित ड्रग तस्करी में शामिल नौकाओं को निशाना बनाया गया और कई समुद्री अभियानों में नावों को नष्ट किया गया। इन कार्रवाइयों ने वेनेजुएला पर सैन्य और मनोवैज्ञानिक दबाव दोनों बढ़ा दिए।
इसी दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियां राष्ट्रपति मादुरो की निजी दिनचर्या पर गहराई से नजर रख रही थीं। उन्हें कहां किस समय होना है, क्या पहनते हैं, क्या खाते हैं, यहां तक कि उनके पालतू जानवरों तक की जानकारी जुटाई गई।
राष्ट्रपति भवन की हूबहू नकल, बार-बार रिहर्सल
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि विशेष बलों ने राष्ट्रपति आवास जैसी एक हूबहू संरचना बनाकर उस पर कई बार अभ्यास किया। ऑपरेशन के दौरान यदि स्टील से बने सेफ रूम को काटने की जरूरत पड़ती, तो उसके लिए भारी ब्लोटॉर्च तक तैयार रखे गए थे।
ट्रंप के अनुसार, मादुरो सुरक्षित कमरे तक पहुंच ही नहीं पाए। उन्हें इतनी तेजी से घेरा गया कि बचने का कोई मौका नहीं मिला।
मौसम, अंधेरा और बेहद निचली उड़ान
संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी बलों ने महीनों तक हर संभावित स्थिति का अभ्यास किया। मौसम साफ होने का इंतजार किया गया और जब रास्ता खुला, तब हेलीकॉप्टरों ने बेहद निचली उड़ान भरते हुए Caracas में प्रवेश किया।
हेलीकॉप्टर समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ते हुए राजधानी तक पहुंचे और ऊपर से अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षा घेरे में तैनात रहे।
आधे घंटे में खत्म हुआ ऑपरेशन
ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कराकस की बिजली आपूर्ति बड़े पैमाने पर बाधित कर दी गई, जिससे शहर अंधेरे में डूब गया। पूरी कार्रवाई तीस मिनट से भी कम समय में पूरी कर ली गई।
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इसे ‘बड़ा संयुक्त सैन्य और कानून प्रवर्तन अभियान’ बताया। हालांकि इस दौरान कम से कम सात विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
मौतें, विरोध और संवाद के संकेत
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने दावा किया कि इस हमले में आम नागरिकों और सैन्य कर्मियों की मौत हुई है। उन्होंने अमेरिका से मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका के साथ सम्मानजनक संवाद की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कराकस के कुछ इलाकों में रहने वाले नागरिकों ने बताया कि तड़के करीब दो बजे के आसपास उनके घरों के पास जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं।
न्यूयॉर्क तक की योजना
ट्रंप के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हेलीकॉप्टर से अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया, जहां से उन्हें न्यूयॉर्क भेजे जाने की योजना है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे आंखों पर पट्टी और सुरक्षा उपकरण पहने नजर आ रहे हैं।
अब वेनेजुएला का भविष्य कौन तय करेगा
इस कार्रवाई के बाद अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह फिलहाल वेनेजुएला की आगे की दिशा तय करने में भूमिका निभाएगा। ट्रंप ने कहा कि नया नेतृत्व चुने जाने तक अमेरिका हालात पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर जमीनी सैनिकों की मौजूदगी से भी पीछे नहीं हटेगा।

