'दमा दम मस्त कलंदर': पाकिस्तान का अफगानिस्तान के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान
Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए
Pakistan Afghanistan Conflict: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार झड़पें शुक्रवार को तेज हो गईं। इस्लामाबाद ने काबुल के खिलाफ “खुली जंग” की घोषणा कर दी, जिसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कड़ा बयान जारी करते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ “ओपन वॉर” की बात कही। उन्होंने तालिबान-नेतृत्व वाली सरकार पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि नाटो बलों की वापसी के बाद उम्मीद थी कि अफगानिस्तान में शांति स्थापित होगी और तालिबान क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देगा। लेकिन इसके बजाय दुनिया भर के आतंकियों को वहां इकट्ठा किया गया और आतंकवाद का निर्यात शुरू किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अफगान जनता को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित किया गया है और महिलाओं के अधिकार छीने गए हैं।
आसिफ ने कहा, “अब सब्र का बांध टूट चुका है। अब हमारे और आपके बीच खुली जंग है। अब यह ‘दमा दम मस्त कलंदर’ होगा। पाकिस्तान की सेना समुद्र पार से नहीं आई है, हम आपके पड़ोसी हैं और सब जानते हैं।”
पाकिस्तानी हमलों के बाद अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हवाई हमलों की निंदा की और इसे “कायराना हरकत” बताया। उन्होंने कहा कि काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में हमले हुए हैं, हालांकि किसी हताहत की सूचना नहीं है।
दोनों देशों के बीच डूरंड रेखा को लेकर लंबे समय से विवाद और सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं। इस बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं।
वहीं, पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के सीमा पर कथित हमलों के जवाब में सैन्य अभियान शुरू करते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई में 130 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। अफगान तालिबान के कई सीमा चौकियों पर कथित तौर पर हमले करने के बाद बृहस्पतिवार देर रात 'ऑपरेशन गजब लिल हक' शुरू किया गया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि यह अभियान जारी है और कहा कि सशस्त्र बल अफगान तालिबान की आक्रामकता का कड़ा जवाब दे रहे हैं। अभियान के बारे में जानकारी देते हुए सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि कम से कम 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया, ''काबुल, पकतिया और कंधार में अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया है और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।'' उनके अनुसार अफगान तालिबान शासन की कम से कम 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि नौ अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया गया।
मंत्री ने बताया कि इस अभियान में दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय, दो गोला-बारूद डिपो, एक लॉजिस्टिक बेस, तीन बटालियन मुख्यालय, दो सेक्टर मुख्यालय और 80 से अधिक टैंक, तोपें तथा बख्तरबंद वाहन नष्ट कर दिए गए हैं। सरकारी प्रसारणकर्ता 'पीटीवी न्यूज' ने बताया कि पाकिस्तान वायुसेना ने काबुल, कंधार और पकतिया में अफगान तालिबान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
इन हमलों में काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय और कंधार में एक कोर मुख्यालय तथा एक ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट कर दिए गए। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने एक बयान में नागरिकों को निशाना बनाने के लिए अफगान तालिबान की निंदा की। गृह मंत्रालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में उनके हवाले से बताया कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने अफगान तालिबान की खुली आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है।
उन्होंने कहा, ''कायर दुश्मन ने रात के अंधेरे में हमला किया। अफगान तालिबान ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की निंदनीय कोशिश की। पूरा देश सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और इस हमले के गंभीर परिणाम होंगे।''
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी कहा कि पाकिस्तान शांति और अपनी क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ''हमारी सशस्त्र सेनाओं की प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक है। जो लोग हमारी शांति को कमजोरी समझते हैं, उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा।''
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल देश की सुरक्षा और शांति को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा, ''हमारी सेनाएं किसी भी आक्रामक मंसूबे को कुचलने में पूरी तरह सक्षम हैं। अपने प्यारे वतन की रक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा और हर आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।'' एक अन्य पोस्ट में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि नाटो सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी के बाद उम्मीद थी कि वहां शांति स्थापित होगी और तालिबान अफगान जनता के विकास तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देगा।
उन्होंने आरोप लगाया, ''लेकिन तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत की कॉलोनी बना दिया है और दुनिया भर से आतंकियों को वहां इकट्ठा कर आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।''
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संबंध सामान्य बनाने के लिए सीधे और मित्र देशों के माध्यम से कई प्रयास किए, लेकिन ''तालिबान भारत का मोहरा बन गया।'' आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने पहले अफगान शरणार्थियों को शरण देकर ''सकारात्मक'' भूमिका निभाई, लेकिन ''अब हमारा धैर्य खत्म हो चुका है। अब युद्ध छिड़ गया है।''

